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L&T के लिए रक्षा छूट की संभावना तलाश सकते हैं फंड

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जेफरीज: L&T का रक्षा कारोबार छोटा है और ऊर्जा व उद्योग में पूंजीगत खर्च बढ़ रहा है

Last Updated- November 28, 2023 | 9:57 PM IST
L&T

लार्सन ऐंड टुब्रो के लिए रक्षा संबंधी ईएसजी की चिंता पर फंड छूट पर विचार कर सकते हैं, यह कहना है जेफरीज के विश्लेषकों का। L&T के शेयर के उम्दा प्रदर्शन और भारत के पूंजीगत खर्च में बढ़ोतरी के चक्र पर उम्मीद पूरी हो चुकी है।

जेफरीज के विश्लेषकों ने 27 नवंबर को रीविजिटिंग द ईएसजी कंसर्न नाम से लिखी रिपोर्ट में कहा है, भारत के पूंजीगत खर्च के चक्र में इजाफा और इस साल अब तक के आधार पर निफ्टी के मुकाबले L&T के 35 फीसदी बेहतर प्रदर्शन ने फंडों को प्रोत्साहित किया है कि क्या रक्षा संबंधी चिंता पर इस शेयर के लिए छूट ली जा सकती है।

रिपोर्ट में कहा गया है, प्रबंधन लगातार रक्षा पर ईएसजी एजेंसियों से बातचीत कर रहा है। मंगलवार को इस संबंध में जानकारी के लिए L&T को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। जेफरीज ने अपने नोट में कहा है, अंतरराष्ट्रीय ईएसजी एजेंसियों ने रक्षा परियोजनाओं के जरिये न्यूक्लियर व क्लस्टर म्यूनिशन के क्षेत्र में L&T के काम पर चिंता जताई है।

L&T की वित्त वर्ष 23 की सालाना रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि उसके कारोबार के तहत किसी तरह के विस्फोटक या किसी तरह के असलहे का विनिर्माण नहीं होता, जिसमें क्लस्टर म्यूनिशन, एंटीपर्सनल लैंडमाइन, नाभिकीय हथियार या उसके लिए कलपुर्जे शामिल हैं।

जेफरीज ने यह भी कहा है कि L&T का रक्षा राजस्व कुल एकीकृत वित्तीय आंकड़ों का 2 फीसदी है और उसके इंजीनियरिंग व कंस्ट्रक्शन (ईऐंडसी) बिजनेस का 3 फीसदी है।

कुल एकीकृत आंकड़ों का 3 फीसदी और ईऐंडसी का 6 फीसदी एबिटा है। विश्लेषकों ने कहा, हमें नहीं लगता कि रक्षा क्षेत्र उसके लिए ज्यादा अहम बनने जा रहा है क्योंकि ऊर्जा व उद्योग आदि में पूंजीगत खर्च बढ़ रहा है।

L&T लगातार ऑर्डर हासिल कर रही है और मौजूदा तिमाही में वह 45,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के नए ऑर्डर हासिल कर चुकी है। कंपनी ने सितंबर तिमाही में 89,153 करोड़ रुपये के ऑर्डर हासिल किए, जो तिमाही का सर्वोच्च आंकड़ा है। सितंबर 2023 तक कंपनी का बकाया ऑर्डर बुक 4.5 लाख करोड़ रुपये की थी।

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First Published - November 28, 2023 | 9:57 PM IST

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