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पेट्रोलियम भंडारण की जगह लेना चाहती हैं विदेशी कंपनियां

ISPRL मंगलूरु में 7.5 लाख टन तेल भंडारण क्षमता पट्टे पर देगा।

Last Updated- February 06, 2024 | 10:45 PM IST
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इंडियन स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व लिमिटेड (आईएसपीआरएल) मंगलूरु स्थित अपने भंडारण में से 7.5 लाख टन भंडारण क्षमता को पट्टे पर देने की तैयारी कर रही है, जिसमें विदेशी कंपनियां रुचि ले रही हैं। इंडिया एनर्जी वीक 2024 के दौरान सूत्रों ने यह जानकारी दी।

इसके साथ ही पूरा मंगलूरु स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व (एसपीआर), जिसमें 7.5 लाख टन क्षमता के दो भंडार शामिल हैं, पट्टे पर दे दिया जाएगा। अबू धाबी नैशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) 2018 से 2 भंडारों में कच्चे तेल का भंडारण कर रही है और उसने पडुर के भंडारण केंद्र के इस्तेमाल के लिए समझौता किया है।

इसके लिए रुचि पत्र तैयार किया जा रहा है और कुवैत सहित कुछ देशों की कंपनियां इसमें रुचि ले रही हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत आने वाले तेल उद्योग विकास बोर्ड (ओआईडीबी) की विशेष उद्देश्य इकाई आईएसपीआरएल पेट्रोलियम भंडारण का काम करती है।

आईएसपीआरएल इस समय 53.3 लाख टन रणनीतिक कच्चे तेल के भंडारण का प्रबंधन करती है। यह भंडारण क्षमता आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और कर्नाटक के पडुर (उडुपी के निकट) और मंगलौर में है। विशाखापत्तनम केंद्र की क्षमता 13.3 लाख टन है, जो जून 2015 से चल रहा है।

वहीं मंगलूरु की क्षमता 15 लाख टन और पडुर की क्षमता 25 लाख टन है, जो क्रमशः अक्टूबर 2016 और दिसंबर 2018 से चल रहे हैं। आईएसपीआरएल ने दूसरे चरण के तहत दो अन्य वाणिज्यिक व रणनीतिक भंडार का निर्माण कर रही है।

First Published - February 6, 2024 | 10:45 PM IST

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