facebookmetapixel
Advertisement
पेट्रोल से 43% सस्ती CNG का फायदा किसे? महानगर गैस या IGL… ब्रोकरेज के टारगेट जान लेंGaudium IVF IPO की बाजार में सकारात्मक शुरुआत, 5% प्रीमियम के साथ ₹83 पर लिस्ट हुए शेयरGold Silver Price Today: एमसीएक्स पर सोना ₹1.60 लाख और चांदी 2.66 लाख रुपये के करीब, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजीडिजिटल युग का असर? भारतीय युवाओं की मानसिक सेहत पर बढ़ रहा दबावहवाई यात्रियों को बड़ी राहत, 48 घंटे तक फ्री कैंसलेशन; रिफंड की समयसीमा भी तयभारत-इजरायल ने 16 समझौतों पर किए हस्ताक्षर, AI-रक्षा समेत कई क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाईसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कंटेंट की जिम्मेदारी लें: अश्विनी वैष्णवअमेरिकी आयात का भारत के पशु आहार बाजार पर असर अभी नहीं: रविंदर बलैनE20 petrol: 1 अप्रैल से बड़ा बदलाव! अब मिलेगा E20 पेट्रोल- जानिए नियममहंगाई के नए जोखिम बढ़ रहे, पर फिलहाल ‘ओवरहीटिंग’ नहीं: सौगत भट्टाचार्य

Elon Musk की Starlink को टेलीकॉम मंत्रालय से मिला लाइसेंस, भारत में जल्द शुरू होंगी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं

Advertisement

स्टारलिंक 2022 से भारत में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के लिए लाइसेंस का इंतजार कर रही थी, लेकिन इसमें देरी हुई, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं भी शामिल रहीं।

Last Updated- June 06, 2025 | 4:20 PM IST
Starlink

एलन मस्क (Elon Musk) की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक (Starlink) ने एक बड़ी बाधा को पार करते हुए भारत में अपनी इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए जरूरी लाइसेंस हासिल कर लिया है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने शुक्रवार को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय टेलीकॉम मंत्रालय ने स्टारलिंक को लाइसेंस दे दिया है। इससे कंपनी को भारत में कमर्शियल सेवाएं शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।

लाइसेंस पाने वाली स्टारलिंक तीसरी कंपनी

इसी के साथ, स्टारलिंक अब देश में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के लिए लाइसेंस पाने वाली तीसरी कंपनी बन गई है। इससे पहले टेलीकॉम मंत्रालय (DoT) ने यूटेलसैट की वनवेब (Eutelsat’s OneWeb) और रिलायंस जियो को भी इसी तरह की मंजूरी दी थी।

स्टारलिंक और टेलीकॉम मंत्रालय ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है।

Also read: RBI MPC: CRR में 1% की कटौती से बैंकिंग सिस्टम को मिलेगी ₹2.5 लाख करोड़ की अतिरिक्त लिक्विडिटी, बढ़ेगी कर्ज देने की क्षमता

कमर्शियल सेवाएं शुरू करने का रास्ता साफ

स्टारलिंक 2022 से भारत में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने के लिए लाइसेंस का इंतजार कर रही थी, लेकिन इसमें देरी हुई, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं भी शामिल रहीं। वहीं, अमेजन की सैटेलाइट यूनिट क्यूपर (Kuiper) को अब भी भारत में लाइसेंस का इंतजार है।

पिछले कुछ महीनों में एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक और अरबपति मुकेश अंबानी की कंपनी जियो के बीच यह बहस भी हुई है कि भारत में सैटेलाइट सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम कैसे आवंटित किया जाए। इस मामले में भारत सरकार ने मस्क का समर्थन करते हुए कहा है कि स्पेक्ट्रम की नीलामी नहीं, बल्कि आवंटन किया जाना चाहिए।

(एजेंसी के इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - June 6, 2025 | 4:20 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement