facebookmetapixel
जिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला से मादुरो को उठा लिया, क्या उसी तरह चीन ताइवान के साथ कर सकता है?कहीं आपकी जेब में तो नहीं नकली नोट? RBI ने बताया पहचानने का आसान तरीकाकई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैपसाल की शुरुआत में FPIs ने निकाले 7,608 करोड़, विदेशी निवेशक रहे सतर्कMarket Outlook: इस हफ्ते बाजार में रुझान तय करेंगे मैक्रो डेटा और FII ट्रेडिंगUS Venezuela Attack: कौन हैं Nicolás Maduro? जिनके पकड़े जाने का दावा अमेरिका ने कियाWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड और घने कोहरे का कहर, IMD ने जारी की चेतावनीUP: लखनऊ में बनेगी AI सिटी, उत्तर प्रदेश को मिलेगा ग्लोबल टेक पहचानHealth Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?

अगले वित्त वर्ष कम होगा ई-फार्मेसी का घाटा

भारत में ई-फार्मेसी का बाजार 30% सुधार के साथ तेजी से बढ़ेगा

Last Updated- December 24, 2024 | 11:17 PM IST
PE-VC funding slows down in e-pharmacy sector

रेटिंग एजेंसी ने क्रिसिल से कहा है कि भारत का ऑनलाइन फार्मेसी (ई-फार्मेसी) क्षेत्र अगले वित्त वर्ष में अपने परिचालन घाटे को 10 फीसदी से कम करने की राह पर रहेगा। इसमें बीते वर्ष 2023 की तुलना में 30 फीसदी से अधिक सुधार होगा। कंपनी को परिचालन घाटा तब होता है जब उसका परिचालन व्यय उसके सकल लाभ से ज्यादा रहता है।

ऐसा आमतौर पर किसी भी कंपनी के बढ़ोतरी के शुरुआती चरण में होता है। क्रिसिल के मुताबिक विकसित देशों के मुकाबले कम पैठ को देखते हुए भारत के खुदरा दवा बाजार में तीन से पांच फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली ऑनलाइन फार्मेसियों में वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं।

विकसित देशों में ऑनलाइन फार्मेसियों की हिस्सेदारी 22 से 25 फीसदी तक रती है। भारत में कुल खुदरा दवा बाजार करीब 2.4 लाख करोड़ रुपये का है जिसमें 85 फीसदी हिस्सेदारी के साथ असंगठित क्षेत्र का दबदबा है।

First Published - December 24, 2024 | 11:17 PM IST

संबंधित पोस्ट