facebookmetapixel
छत्तीसगढ़ के हर जिले में निवेश बढ़ा, रायपुर से परे औद्योगिक विकास का नया चेहरा: सायWEF में भारत को सराहा गया, टेक महिंद्रा सहित भारतीय कंपनियों का AI में वैश्विक स्तर पर जोरदार प्रदर्शनIndia Manufacturing Index 2026: भारत छठे पायदान पर, बुनियादी ढांचे और कर नीति में सुधार की जरूरतभारत-यूएई रिश्तों में नई छलांग, दोनों देशों ने 2032 तक 200 अरब डॉलर व्यापार का रखा लक्ष्यचांदी ने तोड़ा सारे रिकॉर्ड: MCX पर 5% उछाल के साथ ₹3 लाख प्रति किलो के पार, आगे और तेजी के संकेतदिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का तीसरा रनवे 16 फरवरी से पांच महीने बंद रहेगाQ3 नतीजों में सुस्ती: मुनाफा वृद्धि 17 तिमाहियों के निचले स्तर पर, आईटी और बैंकिंग सेक्टर दबाव में‘महंगे सौदों से दूरी, वैल्यू पर फोकस’, ITC के कार्यकारी निदेशक ने FMCG रणनीति पर खोले अपने पत्तेसबसे कम उम्र में BJP अध्यक्ष का पद संभालेंगे नितिन नवीन, पार्टी के शीर्ष पद के लिए एकमात्र उम्मीदवारJIO का IPO आने के बाद महंगे होंगे रिचार्ज, जुलाई से टेलीकॉम यूजर्स पर बढ़ने वाला है बोझ

रूसी बाजार में अपनी दवाएं उतारेगी डॉ रेड्डीज

Last Updated- December 11, 2022 | 6:52 PM IST

प्रमुख औषधि कंपनी डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज रूस पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है जहां वित्त वर्ष 2021-22 में उसने अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई है और अब नए ब्रांड उतारने की तैयारी कर रही है। जहां तक यूक्रेन का सवाल है तो कंपनी प्रभावित देश को दवाएं डिलिवर करने की कोशिश कर रही है और लॉजिस्टिक समाधान की तलाश कर रही है।
डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज के सह-चेयरमैन एवं एमडी जीवी प्रसाद ने तिमाही नतीजे जारी करने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, ‘रूस में हमारा कारोबार पहले की तरह जारी है। फिलहाल जारी संकट की शुरुआती अवधि में हमारे ग्राहकों द्वारा कुछ स्टॉकिंग की गई थी। उसे हम अगली तिमाही से सामान्य होने की उम्मीद करते हैं।’ उन्होंने कहा कि कंपनी रूसी बाजार में अपने ब्रांड को लॉन्च करना जारी रखेगी।
डॉ रेड्डीज के सीईओ (भारत एवं उभरते बाजार) एमवी रमना ने कहा कि रूस में कंपनी की उल्लेखनीय मात्रात्मक बाजार हिस्सेदारी है। कंपनी उस बाजार में अच्छी वृद्धि दर्ज कर रही है और किफायत एवं पहुंच पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है। रमना ने कहा कि रूस से रकम के आने में अब तक कोई समस्या नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि किसी भी औषधि कंपनी ने फिलहाल रूसी बाजार को नहींं छोड़ा है। उन्होंने कहा, ‘कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने अपनी प्रचार गतिविधियों को फिलहाल रोक दिया है लेकिन किसी ने देश नहीं छोड़ा है।’
जहां तक यूक्रेन का सवाल है तो डॉ रेड्डीज उस देश में दवाएं भेजने के तरीके तलाश रही है। प्रसाद ने कहा कि यूक्रेन में कारोबार (कंपनी के लिए रूस के मुकाबले काफी छोटा बाजार) शुरुआती दिनों में प्रभावित हुआ था लेकिन अब कंपनी यूक्रेन में दवाओं की आपूर्ति के लिए लॉजिस्टिक समाधान की तलाश कर रही है।
डॉ रेड्डीज के कुल समेकित राजस्व में उभरते बाजारों का योगदान 21 फीसदी है। यह भारत के योगदान (20 फीसदी) से अधिक है। जहां तक रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) के साथ करार का सवाल है तो डॉ रेड्डीज ने कहा कि स्पूतनिक लाइट अब भारत में विनिर्मित टीका है और इसलिए उस पर भू-राजनीतिक संकट का कोई प्रभाव नहीं पड़ा।
डॉ रेड्डीज का शुद्ध लाभ घटा
हैदराबाद की दवा कंपनी डॉ रेड्डीज लैबोरेटीज का कर पश्चात लाभ वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में 76 फीसदी घटकर 88 करोड़ रुपये रह गया। मुनाफे को एक पुराने मुकदमे के लिए किए गए 752 करोड़ रुपये के प्रावधान से झटका लगा। इसके अलावा उत्तरी अमेरिका और यूरोप में मूल्य निर्धारण संबंधी दबाव, कम निर्यात लाभ और इन्वेंट्री प्रावधान में वृद्धि से भी मुनाफा प्रभावित हुआ। तिमाही के दौरान कंपनी का राजस्व 15 फीसदी बढ़कर 5,437 करोड़ रुपये हो गया। पूरे साल के लिए कंपनी का राजस्व 13 फीसदी बढ़कर 21,439 करोड़ रुपये हो गया जबकि शुद्ध लाभ 37 फीसदी बढ़कर 2,357 करोड़ रुपये हो गया।
डॉ रेड्डीज के सह-चेयरमैन एवं एमडी जीवी प्रसाद ने कहा, ‘हमने राजस्व में दमदार वृद्धि दर्ज की है जबकि मुनाफा प्रावधान के कारण प्रभावित हुआ। विभिन्न बाहरी चुनौतियों के बावजूद हमारे प्रमुख कारोबार का प्रदर्शन अच्छा रहा जिससे हमारी बाजार हिस्सेदारी बढ़ी। इसे कुछ दमदार लॉन्च अपौर उत्पादकता में सुधार से बल मिला। हम अपने प्रमुख कारोबार में वृद्धि पर धयान केंद्रित करना जारी रखेंगे।’
वित्त वर्ष 2021-22 में डॉ रेड्डीज के भारतीय कारोबार का प्रदर्शन अच्छा रहा। कंपनी के कुल कारोबार में भारतीय कारोबार का योगदान करीब 20 फीसदी है।     बीएस

First Published - May 20, 2022 | 12:25 AM IST

संबंधित पोस्ट