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विमानन को कैश-गजिंग कारोबार न समझें

Last Updated- December 11, 2022 | 10:06 PM IST

विमानन कारोबार को कोविड-19 वैश्विक महामारी का सबसे तगड़ा झटका लगा है। लेकिन इस वैश्विक महामारी के दौरान जेट एयरवेज एवं गो फस्र्ट के पूर्व सीईओ विनय दुबे ने निवेशकों को एक नई विमानन कंपनी आकाश एयर में निवेश करने के लिए प्रेरित और आश्स्त किया। यह सस्ती विमानन सेवा की शुरुआत इसी गर्मी से होने की उम्मीद है। आकाश एयर के मुख्य कार्याधिकारी दुबे ने अरिंदम मजूमदार और अनीश फडणीस से बातचीत में विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। पेश हैं मुख्य अंश:
विमानन उद्योग के लिए जबरदस्त आपदा के बीच एक नई विमानन कंपनी स्थापित करने के पीछे क्या रणनीति है?
कोविड से पहले भारत में 650 नैरोबॉडी विमान उड़ान भरते थे। आज से 20 साल बाद 1,500 से 2,000 नैरोबॉडी विमानों का परिचालन होगा जो भारतीय अर्थव्यवस्था के भविष्य को लेकर हमारा विश्वास है। हम हवाई यात्रा के लोकतांत्रिकरण को जारी रखना चाहते थे और इसकी शुरुआत का श्रेय कैप्टन (जीआर) गोपीनाथ (एयर डेक्कन के संस्थापक) को दिया जाना चाहिए। आज भी भारत में कई लोग ऐसे हैं जिन्होंने कभी हवाई यात्रा नहीं की है और हम उन्हें यह सेवा उपलब्ध कराना चाहते हैं। हम देश की विकास गाथा में भाग लेना चाहते थे। इसलिए हमने पहले दिन से ही सस्ती विमानन सेवा पर ध्यान केंद्रित किया जो प्रतिस्पर्धी लागत ढांचे के साथ पेशेवरों द्वारा संचालित हो।

विमानन एक कैश-गजिंग कारोबार है और आपने राकेश झुनझुनवाला जैसे प्रमुख निवेशकों को आकर्षित किया है। आप उनके साथ एक ऐसा कारोबार कैसे कर पाएंगे जो रिटर्न देने के लिए नहीं जाना जाता है?
मुझे नहीं लगता कि विमानन एक कैश-गजिंग कारोबार है। आप इंडिगो को देखकर समझ सकते हैं कि यदि इसे सही तरीके से संचालित किया जाए तो यह नकदी सृजित करने वाला कारोबार है। अमेरिका में कई विमानन कंपनियां पिछले 10 वर्षों से लगातार अरबों डॉलर कमा रही हैं। मैं समझता हूं कि यदि इसे सही तरीके से किया जाए तो इसमें लाभप्रदता के स्तर को बरकरार रखा जा सकता है। हम भाग्यशाली हैं कि हमारे पास उमदा निवेशक हैं जिन्होंने इसी सोच के साथ पहल की है कि समय के साथ-साथ यह उनके लिए मुनाफा सृजित करेगा।

भारत के सस्ती विमानन सेवा क्षेत्र में काफी भीड़भाड़ है। ईंधन, हवाई अड्डा शुल्क और कर जैसी प्रमुख लागत आपके नियंत्रण से बाहर है। ऐसे में लाभप्रदता के साथ-साथ यात्रियों को आकर्षित करने के लिए कितनी गुंजाइश होगी?
कुशलता और लागत को युक्तिसंगत बनाने के लिए काफी गुंजाइश होगी। आप अधिक से अधिक ईंधन कुशल विमानों के साथ शुरुआत कर सकते हैं। विमानन कंपनी की कुल लागत में उसकी करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी होती है। हमारा शत-प्रतिशत बेड़ा 737 मैक्स विमानों का हेागा जो अब तक उपलब्ध सबसे ईंधन कुशल विमान है। इसकेअलावा परिसंपत्ति लागत, दीर्घावधि रखरखाव लागत और पट्टे की लागत का योगदान करीब 40 फीसदी होता है। हमने पहले ही दिन से रखरखाव एवं पट्टा लागत को कम से कम रखने की रणनीति बनाई है। इसलिए मैं समझता हूं कि हम काफी प्रतिस्पर्धी लागत ढांचे के साथ परिचालन करने में समर्थ होंगे।

क्या आपने विमान और पहली उड़ान का समय निर्धारित कर लिया है?
हमारे विमान 189 सीटों वाले 737 मैक्स होंगे। हम 20वें विमान के बाद 197 सीटों वाले विमानों पर गौर करेंगे। हमने इसी गर्मी में यानी मई अथवा जून में अपनी पहली उड़ान भरने की योजना बनाई है।

पिछले दो साल के दौरान कार्गो श्रेणी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। क्या आप इस ओर भी ध्यान केंद्रित करेंगे?
विमानों के संबंध में कोई भी निर्णय उसकी क्षमता के आधार पर लिया जाता है जहां मैक्स कहीं बेहतर है। हालांकि कोविड के दौरान कार्गो के संबंध में कई आंकड़े बढ़ाचढ़ाकर पेश किए गए लगते हैं। जब क्षमता कम होगी तो कार्गो की मांग बढ़ेगी। लेकिन कार्गो कारोबार का प्रदर्शन अच्छा रहा है और यह कारोबार का एक अहम हिस्सा रहा है। हमारे पास उस पर ध्यान केंद्रित करने वाला एक समर्पित प्रकोष्ठ होगा।

ऐसी भारतीय विमानन कंपनियों में कोई स्वामित्व ढांचा नहीं दिखता है जहां कई सह-संस्थापक होते हैं। क्या आकाश ईसॉप्स के साथ स्टार्टअप संस्कृति को अपनाएगी?
बिल्कुल। हम पहले ही दिन से ऐसी संस्कृति अपनाएंगे जहां स्वामित्व ढांचा होगा और हमने एक दमदार स्वामित्व ढांचे को पहले ही अपनाया है। हमने तमाम पेशेवरों के आने के साथ पहले ही दिन से इसी संस्कृति को अपनाया है लेकिन जाहिर तौर पर सभी को ईसॉप्स नहीं मिलेगा।

First Published - January 13, 2022 | 11:19 PM IST

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