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डीमार्ट का पूंजीकरण 2 लाख करोड़ रु. पर पहुंचा

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Last Updated- December 12, 2022 | 9:52 AM IST

दो अंक की राजस्व गिरावट वाली दो तिमाहियों के बाद एवेन्यू सुपरमाट्र्स फिर से वृद्घि की राह पर लौटी है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2021 की दिसंबर तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया। अक्टूबर और नवंबर में त्योहारी बिक्री की मदद से कंपनी ने इस तिमाही में एक साल पहले की समान तिमाही के मुकाबले 10 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज की है।
जहां कंपनी ने संकेत दिया है कि कुल बिक्री और अन्य आंकड़े कोविड-पूर्व स्तरों की ओर लौट रहे हैं, लेकिन दो साल से ज्यादा पुराने स्टोरों के लिए बिक्री में 4 प्रतिशत की गिरावट के साथ दिसंबर निराशाजनक रहा। कंपनी के 221 स्टोरों में से करीब तीन-चौथाई दो वर्षों से परिचालन में हैं। जहां कंपनी ने दिसंबर तिमाही में एक नया स्टोर खोला, वहीं सालाना आधार पर स्टोरों की संख्या 13 प्रतिशत तक बढ़ी है।
कंपनी ने कहा है कि त्योहारी अवधि के बाद कुछ शहरों में स्टोर परिचालन सीमित रहा जिससे दिसंबर की बिक्री में गिरावट को बढ़ावा मिला। हालांकि यह तिमाही दूसरी तिमाही में दर्ज की गई 12.5 प्रतिशत की गिरावट के मुकाबले बेहतर रही। तीसरी तिमाही में बिक्री को प्रति ग्राहक ऊंचे बिलों से बढ़ावा मिला, लेकिन उपभोक्ताओं द्वारा खरीदारी संबंधित बाहर निकलना सीमित रहा।
कंपनी का ई-कॉमर्स परिचालन डीमार्ट रेडी छोटे आधार (92 प्रतिशत तक बढ़कर 109 करोड़ रुपये) के साथ लगातार बढ़ रहा है और कंपनी ने अहमदाबाद, बेंगलूरु तथा हैदराबाद में अपनी उपस्थिति में इजाफा किया है। कंपनी होम फर्नीशिंग, छोटे इलेक्ट्रिकल उत्पाद, और किचन उत्पाद शामिल कर ऑनलाइन क्षेत्र में भी अपना व्यवसाय बढ़ा रहीहै। डीमार्ट रेडी हालांकि अभी भी कुल राजस्व का एक छोटा हिस्सा (1-2 प्रतिशत) बना हुआ है और परिचालन स्तर पर उसे फिलहाल नुकसान हो रहा है।
स्टैपल्स और एफएमसीजी के प्रति बिक्री रुझान के बावजूद कंपनी अपना परिचालन मुनाफा मार्जिन एक साल पहले की तिमाही के मुकाबले 50 आधार अंक तक सुधार कर 9.3 प्रतिशत लाने में सफल रही है। राजस्व वृद्घि के अलावा, कंपनी ने लागत पर भी सख्त नियंत्रण बनाए रखा है और अन्य खर्चों में उसे 7 प्रतिशत की कमी लाने में मदद मिली है।
जहां दर्ज मार्जिन 6 तिमाहियों के ऊंचे स्तर पर है, वहीं कंपनी को इसे बरकरार रखने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। प्रबंधन ने कहा है कि कंपनी को गैर-एफएमसीजी क्षेत्र से अनियमित आपूर्ति का सामना करना पड़ रहा है और कच्चे माल की लागत भी बढ़ रही है। कच्चे माल के अभाव के साथ साथ बढ़ती कीमतों का प्रभाव मौजूदा तिमाही में उसकी बिक्री और मार्जिन पर पड़ सकता है।
उत्पाद मिश्रण के मोर्चे पर, कंपनी ने अपैरल, लाउंड्री, फुटवियर, ट्रैवल जैसे सेगमेंट में सुस्त उठाव का संकेत दिया है। इन सेगमेंट में तेज सुधार में समय लग सकता है, जिसे देखते हुए उत्पाद मिश्रण अल्पावधि में कमजोर बना रह सकता है।
विश्लेषक कंपनी के लिए विकास अवसरों को लेकर आशान्वित हैं, क्योंकि उसे ऑनलाइन और पारंपरिक रिटेल फॉर्मेटों में विस्तार के साथ साथ मजबूत बैलेंस शीट से भी मदद मिली है। डीमार्ट जैसे ग्रोसरी रिटेलर अन्य रिटेल सेगमेंटों के मुकाबले तेज रिकवरी में सक्षम रहे थे और अल्पावधि में बाजार भागीदारी में इजाफा दर्ज कर सकते हैं, क्योंकि प्रतिस्पर्धी तीव्रता घटी है। मोतीलाल ओसवाल रिसर्च का मानना है कि राजस्व और परिचालन लाभ वित्त वर्ष 2020-23 की अवाि के दौरान 23 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा।
हालांकि कंपनी के विस्तार और वृद्घि प्रयासों का असर उसके मूल्यांकन पर पूरी तरह दिख चुका है। मौजूदा स्तर पर, यह शेयर अपने वित्त वर्ष 2023 के आय अनुमानों के 75 गुना पर कारोबार कर रहा है। येस सिक्योरिटीज के हिमांशु नय्यर को शेयर में ठहराव की संभावना है, क्योंकि निवेशक फिलहाल ग्रोसरी खंड में आक्रामक ऑनलाइन प्रतिस्पर्धा के प्रभाव को देखने और समझने का इंतजार कर रहे हैं। 

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First Published - January 12, 2021 | 11:41 PM IST

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