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तीन साल में दोगुनी होगी AI पेशेवरों की मांग, युवाओं के रुझान में हो रहा तेज इजाफा; रिपोर्ट ने बताया कैसे बढ़ेगी स्किल

डेलॉयट इंडिया ऐंड नैसकॉम द्वारा जारी की गई रिपोर्ट ‘एडवांसिंग इंडिया एआई स्किल्स : इंटरवेनशंस ऐंड प्रोग्राम नीडेड’ ने कहा कि 66% भारतीय कोई न कोई डिजिटल तकनीक सीखना चाहता है।

Last Updated- August 20, 2024 | 11:24 PM IST
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देश में आर्टिफि​शल इंटेलिजेंस (एआई) पेशेवरों की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है और आने वाले समय में इसमें और वृद्धि होगी। मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2027 तक भारतीय एआई पेशेवरों की मांग बढ़कर 12,50,000 तक पहुंच जाएगी, जो इस समय 600,000 से 650,000 पर है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आज की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन एआई पेशेवरों की काम की गुणवत्ता में सुधार लाना बहुत ही आवश्यक है।

​रिपोर्ट में इस बात का खासतौर पर जिक्र किया गया है कि ‘देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति देने और बेहतर तरीके से संभालने के लिए उच्च कौशल वाले पेशेवरों को तैयार करना बहुत ही आवश्यक है।’

डेलॉयट इंडिया ऐंड नैसकॉम द्वारा मंगलवार को जारी की गई रिपोर्ट ‘एडवांसिंग इंडिया एआई स्किल्स : इंटरवेनशंस ऐंड प्रोग्राम नीडेड’ के अनुसार हर तीन में दो भारतीय कोई न कोई डिजिटल तकनीक सीखना चाहता है। इस मामले में मौजूदा समय में एआई ऐंड मशीन लर्निंग शीर्ष स्तर का कौशल माना जा रहा है और इस तरफ युवाओं का रुझान बहुत तेजी से बढ़ रहा है।

रिपोर्ट यह भी कहती है, ‘तमाम उद्योगों में एआई को अपनाने की प्रवृ​त्ति बढ़ रही है, लेकिन उच्च कौशल वाले एआई पेशेवरों की भारी कमी है। यदि इस खाई को पाटा नहीं गया तो इनोवेशन एवं आ​र्थिक वृद्धि की दर सुस्त पड़ सकती है।’

रिपोर्ट कहती है कि वर्ष 2027 तक एआई मार्केट के 25 से 35 प्रतिशत की दर से वृद्धि करने की उम्मीद है। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि एआई पेशेवरों की मांग और आपूर्ति का अंतर बढ़ जाएगा। इसलिए इस क्षेत्र के नए और मौजूदा पेशेवरों को उच्च स्तर के कौशल से लैस करना होगा।

डेलॉयट साउथ ए​शिया के टेक ऐंड ट्रांसफोर्मेशन प्रेसिडेंट सतीश गोपालैया ने कहा, ‘सरकार-अकादमी एवं उद्योग जगत के आपसी तालमेल से मौजूदा एआई पेशेवरों को पुन: प्र​शि​क्षित कर और नए पेशेवरों को आज की जरूरतों के हिसाब से तकनीकी कौशल से लैस कर एक बेहतरीन एवं मजबूत प्रतिभा पूल तैयार किया जा सकता है। इसके जरिए हम एआई इनोवेशन की गति को और तेज कर सकते हैं।’

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि उद्योग और अकादमी क्षेत्र में आपसी तालमेल होना चाहिए। इन दोनों क्षेत्रों को मिलकर एआई प्रतिभा पूल तैयार करना चाहिए। इसके तहत वे इंटीग्रेटेड फाउंडेशनल एआई कोर्स शुरू कर सकते हैं और उद्योगों की जरूरत को ध्यान में रखकर एक प्रासंगिक प्र​शि​क्षण कार्यक्रम भी शुरू कर सकते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि उद्योग हितधारकों को संपूर्ण कौशल विकास का कार्यक्रम लागू करना चाहिए, जो फाउंडेशनल और एडवांस एआई ​कौशल की जरूरतों को पूरा कर सके। उसमें ​थियरी और प्रै​क्टिकल दोनों तरह का ज्ञान दिया जाना चाहिए।

First Published - August 20, 2024 | 10:33 PM IST

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