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एलआईसी: निवेशकों से संपर्क

Last Updated- December 12, 2022 | 3:16 AM IST

सरकार निवेशकों को भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की वृद्घि और भावी संभावनाओं के बारे में बता रही है। यह कवायद इस सरकारी बीमा कंपनी का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने के लिए की जा रही है, जो देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।

निवेशकों को प्रस्तुतियों के जरिये आईपीओ से पहले एलआईसी में हो रहे ढांचागत बदलावों तथा उसकी वित्तीय स्थिति से वाकिफ करा दिया गया है ताकि कंपनी का मूल्यांकन तय होने के बाद उसकी आईपीओ प्रक्रिया को रफ्तार दी जा सके। एक अधिकारी ने बताया, ‘निवेशकों के सामने विस्तृत प्रस्तुतियों के जरिये बताया गया है कि एलआईसी को किस तरह पहले से और आगे बढ़ाया जा रहा है। इसमें यह भी बताया गया है कि आईपीओ से पहले एलआईसी के ढांचे में किस तरह का बदलाव किया जा रहा है और निवेशकों में यह जानने की उत्सुकता भी है।’

सरकार ने वित्त विधेयक 2021 पेश करते समय एलआईसी अधिनियम, 1956 में कई बदलावों का प्रस्ताव दिया था। इनमें भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्देशों के मुताबिक कंपनी संचालन के प्रावधान शामिल करने का प्रस्ताव भी है। यह भी कहा गया है कि आईपीओ आने के बाद पहले पांच साल तक इस बीमा कंपनी में कम से कम 75 फीसदी हिस्सेदारी सरकार की ही रहेगी। 

एक अन्य अधिकारी ने बताया, ‘आम तौर पर कंपनियां प्री-आईपीओ प्लेसमेंट (आईपीओ से पहले शेयर आवंटन) के पूर्व इस प्रकार की कवायद करती हैं मगर फिलहाल एलआईसी के लिए प्री-आईपीओ प्लेसमेंट पर विचार नहीं चल रहा है। यहां पूरी कवायद आईपीओ लाने में लगने वाला वक्त बचाने के लिए की जा रही है।’

सरकार यह समझने का प्रयास कर रही है कि निवेशक एलआईसी के आईपीओ से क्या चाहते हैं। अधिकारी ने कहा, ‘इससे यह जानने में आसानी होगी कि निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले निवेशकों को किस तरह की जानकारियों एवं आंकड़ों की जरूरत होगी। इससे सरकार को भी आईपीओ के लिए तैयार होने और समय की बचत करने में आसानी होगी।’

दूसरे अधिकारी ने कहा कि निवेशकों को जो बातें बताई जा रही हैं, उनमें एलआईसी का राजस्व, इसके पिछले कारोबारी प्रदर्शन का लेखा-जोखा एवं भविष्य की संभावनाएं, राजस्व अर्जित करने में आने वाला खर्च समेत कई पहलू शामिल हैं। निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने एलएआईसी के आईपीओ के लिए डेलॉयट तूश तोमात्सु इंडिया और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स को सलाहकार नियुक्त किया है। दोनों ने सरकार की ओर से निवेशकों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। एलआईसी का अनुमानित मूल्यांकन तय करने के बाद निवेशकों के साथ आगे की बातचीत की जाएगी। दूसरे अधिकारी ने कहा कि मूल्यांकन तय करने की कवायद के बीच हाल ही में एक डेटा ऑडिटर की नियुक्ति भी कर दी गई है। माना जा रहा है कि जुलाई-अगस्त तक एलआईसी का अनुमानित मूल्यांकन तय कर लिया जाएगा। चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में आईपीओ आ सकता है।

First Published - June 27, 2021 | 10:51 PM IST

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