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कोक की कमान संकेत रे को

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Last Updated- December 15, 2022 | 2:33 AM IST

कोका कोला चाइना के मुख्य परिचालन अधिकारी संकेत रे को इस साल के अंत तक कोक के गुडग़ांव कार्यालय में शीर्ष पद की जिम्मेदारी मिलना तय है। चालीस वर्षीय रे कोका कोला के भारतीय एवं दक्षिण पश्चिम एशियाई कारोबार के वर्तमान अध्यक्ष टी कृष्णकुमार (केके) से 1 जनवरी 2021 को कार्यभार संभालेंगे तो वह हाल के दिनों में कंपनी के सबसे युवा अध्यक्षों में शुमार हो जाएंगे।

इस नई भूमिका के लिए रे की पदोन्नति चुनौतियों और अवसरों से भरी होगी। अपने पूर्ववर्ती के विपरीत रे उस इकाई की कमान संभालने जा रहे हैं जो रणनीतिक तौर पर कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण है। वह अमेरिका के अटलांटा में कोका कोला के मुख्यालय में मौजूद शीर्ष अधिकारियों को सीधे तौर पर रिपोर्ट करेंगे। कोका कोला ने अपने कारोबार के वैश्विक पुनर्गठन के तहत परिचालन इकाई प्रमुख और शीर्ष प्रबंधन के बीच के रिपोर्टिंग स्तर को खत्म कर दिया है। वह कोक के मुख्य कार्याधिकारी

जेम्स क्वींसी से सीधे तौर पर संपर्क कर सकेंगे।

इस ढांचागत बदलाव से वैश्विक योजनाओं में कोका कोला की भारतीय इकाई का महत्त्व बढ़ रहा है क्योंकि अब इसे उत्तरी अमेरिका, यूरोप अथवा ग्रेटर चाइना जैसी महत्त्वपूर्ण इकाइयों के समकक्ष बना दिया गया है। हालांकि इससे रे की चुनौतियां भी काफी बढ़ जाएंगी। इस इकाई की रफ्तार बढऩे से मात्रात्मक बिक्री एवं राजस्व के मोर्चे पर अपेक्षाएं भी बढ़ जाएंगी। लेकिन कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था काफी प्रभावित हो चुकी है जिससे बड़े पैमाने पर लोगों की छंटनी और वेतन में कटौती हो रही है। ऐसे में कोका कोला की बिक्री रफ्तार सुस्त पड़ गई है और कुल मिलाकर खपत में गिरावट दर्ज की जा रही है।

अप्रैल से जून तिमाही के दौरान कोका कोला के कारोबार को लॉकडाउन का तगड़ा झटका लगा। इसके अलावा स्थानीय बाजार में उथल-पुथल से भी कंपनी की वैश्विक बिक्री प्रभावित हुई।

जहां तक कोका कोला के भारतीय कारोबार का सवाल है तो वह एशिया में तीसरा सबसे बड़ा और वैश्विक स्तर पर पांचवां सबसे बड़ा बाजार है। पिछले दो वर्षों के दौरान कोका कोला की वृद्धि को इस इकाई से काफी रफ्तार मिली थी। लेकिन मौजूदा नरमी के 2021 की दूसरी छमाही तक बरकरार रहने के आसार हैं और कोका कोला के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए ऐसा लगता है कि घटती बिक्री के बीच तेजी से सुधार दर्ज करना उसके लिए काफी मुश्किल रहा है।

वर्ष 2013 से 2017 के बीच कोका कोला को मात्रात्मक बिक्री में गिरावट से जूझना पड़ा था। इनहाउस बॉटलर हिंदुस्तान कोका कोला बेवरिजेस (एचसीसीबी) के राजस्व में 2017-18 के दौरान 4.3 फीसदी की गिरावट आई थी जबकि वित्त वर्ष 2017 और वित्त वर्ष 2018 के दौरान उसका मुनाफा प्रभावित हुआ था। वित्त वर्ष 2019 के दौरान उत्तर भारत में प्रमुख बॉटलिंग कारोबार को बेचने के बाद कंपनी वृद्धि की राह पर लौट पाई थी।

ऐसा लगता है कि वैश्विक प्रबंधन को वृद्धि संबंधी केके की रणनीति में भरोसा है। इस मामले से अवगत लोगों ने बताया कि शीर्ष पद के लिए रे का चयन खुद इसका सबूत है। दोनों व्यक्तियों के साथ करीबी से काम कर चुके एक सूत्र ने बताया कि केके की ही तरह रे भी एचसीसीबी में काम कर चुके हैं और उन्हें केके द्वारा ही चुना गया है। उन्होंने कहा कि रे का नजरिया प्रबंधकीय तौर-तरीका भी केके की ही तरह है।

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First Published - September 5, 2020 | 12:19 AM IST

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