हैदराबाद स्थित टीका निर्माता भारत बायोटेक इंटरनैशनल (बीबीआईएल) ने परीक्षण के दौरान ऐंटीजन की 3 माइक्रोग्राम खुराक को 6 माइक्रोग्राम की खुराक से बदल दिया था। बीबीआईएल द्वारा आपातकालीन उपयोग (ईयूए) के लिए दिए गए आवेदन पर विचार करने के लिए बुधवार को होने वाली विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) इस बिंदु की बारीकी से जांच करेगी।
बुधवार की बैठक में फाइजर, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) और बीबीआईएल द्वारा प्रस्तुत आवेदनों की समीक्षा की जाएगी। हालांकि चल रहे परीक्षण के दौरान ईयूबी के लिए आवेदन करने को लेकर बीबीआईएल पर कई सवाल उठे हैं लेकिन देश के शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने इसका बचाव किया।
आईसीएमआर के प्रमुख बलराम भार्गव ने कहा कि अस्थायी लाइसेंस या आपातकालीन उपयोग में नियामक को जोखिम लाभ अनुपात से संतुष्ट होना पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘इस आपातकालीन स्थिति में यदि लाभ अधिक है तो इस पर विचार किया जा सकता है। आंकड़े पक्ष में दिख रहे हैं। पहले चरण से हमें सुरक्षा डेटा मिलता है। वहीं, पहले और दूसरे चरण से हमें इम्युनोगेन्सिटी डेटा हासिल होता है।’
उन्होंने कहा कि यह डेटा कई टीकों के लिए कई महीनों की अवधि के लिए उपलब्ध था। वह बताते हैं, ‘बहुत कम प्रतिभागियों पर विभिन्न टीकों के लिए यह आंकड़ा उपलब्ध है …जो किसी महामारी की स्थिति में देखने के लिए सबसे अहम होता है। हालांकि अंतत: राष्ट्रीय नियामक प्राधिकरण को निर्णय लेना है।’
इस प्रक्रिया पर नियामक के साथ मिलकर काम करने वाले दो विशेषज्ञों ने कहा कि महामारी के दौरान जोखिम-लाभ का विश्लेषण करने में पहले उम्मीदवार के सुरक्षा मापदंडों को देखा जाना चाहिए और इसके बाद प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाए।एक विशेषज्ञ ने कहा, ‘कल की बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। पहला, बीबीआईएल ने परीक्षण के दौरान अपनी खुराक बदल दी थी। ऐंटीजन के 3 माइक्रोग्राम से इसे बाद में ऐंटीजन के 6 माइक्रोग्राम में बदल दिया गया। कंपनी ने उसी के लिए अनुमोदन मांगा था। हम इसकी सावधानी के साथ समीक्षा करेंगे।’
कहा जा सकता है कि अब बीबीआईएल के पास अपने पहले चरण के परीक्षणों के लिए हो खुराक उपलब्ध हैं। एक में जहां प्रतिभागियों को 3 माइक्रोग्राम ऐंटीजन की दो खुराक दी जाएंगी तो वहीं दूसरे में उन्हें 6 माइक्रोग्राम एंटीजन की दो खुराक मिलेंगी। खुराक में बदलाव करने से प्रतिरक्षा संबंधी परिणाम बदल सकते हैं और विशेषज्ञ इस बात की समीक्षा करेंगे।
जानकारों का कहना है कि कंपनी ने पहले और दूसरे चरण के आंकड़े जमा कर दिए हैं। हालांकि फिलहाल तीसरा चरण जारी है और उसके आंकड़े साझा नहीं किए गए हैं। बीबीआईएल ने फिलहाल इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन कहा कि तीसरे चरण का परीक्षण पूरा होने के बाद वे डेटा साझा करेंगे।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, बीबीआईएल को अपने परीक्षण में कोविड-19 के 130 सकारात्मक मामले होने की उम्मीद है। संबंधित क्षेत्र में बीमारी की समाप्ति की संभावना को ध्यान में रखते हुए परीक्षण तैयार किए गए हैं। अन्य आवेदकों के रूप में, फाइजर ने 43,000 से अधिक लोगों पर वैश्विक परीक्षण किया है।