facebookmetapixel
Amagi Media Labs IPO: 13 जनवरी से खुलेगा ₹1,789 करोड़ का इश्यू, प्राइस बैंड तय; चेक करें जरुरी डिटेल्स$180 मिलियन के शेयर सौदे पर सेबी की सख्ती, BofA पर गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोपसोने को पछाड़कर आगे निकली चांदी, 12 साल के निचले स्तर पर पहुंचा गोल्ड-सिल्वर रेशियोStock To Buy: हाई से 40% नीचे मिल रहा आईटी स्टॉक, ब्रोकरेज ने कहा- खरीद लें; 71% तक चढ़ सकता है शेयरGold silver price today: चांदी तेज शुरुआत के बाद फिसली, सोना भी नरम; चेक करें ताजा भाव66 अंतरराष्ट्रीय संगठन अमेरिका से होंगे बाहर, ट्रंप ने ऑर्डर पर किए हस्ताक्षरजीवन बीमा क्षेत्र में कमीशन की सीमा तय करने की हो सकती है सिफारिशदुर्लभ मैग्नेट, बैटरी और सोलर सेल के स्वदेशीकरण की जरूरत: सीईएटीपीजी ने आईआईएफएल कैपिटल में 20% हिस्सेदारी के लिए फिर शुरू की बातचीतकम नॉमिनल जीडीपी वृद्धि के बावजूद 4.4% फिस्कल डेफिसिट लक्ष्य संभव

भूमि एसपीवी की सलाहकार बन सकती है कनाडा की फर्म

Last Updated- December 11, 2022 | 11:58 PM IST

सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (एसपीवी) की जमीन के मुद्रीकरण के लिए बनाई जाने वाली विशेष उद्देश्य इकाई (एसपीवी) की सहायता के लिए सरकार कनाडा लैंड्स कंपनी को लाने पर विचार कर रही है।
कनाडा में स्ववित्तपोषित सरकारी इकाई कनाडा लैंड्स कंपनी को रियल एस्टेट और पर्यटक केंद्रों के प्रबंधन में विशेषज्ञता है। सरकार अपनी भूमि एसपीवी- नैशनल लैंड मोनेटाइजेशन कॉर्पोरेशन को कनाडा के मॉडल पर बनाने पर विचार कर रही है, जिसमें विभिन्न सेक्टर के विशेषज्ञ होंगे और जमीन को पट्टे पर देने, बेचने या उन्हें विकसित करने की सलाह देंगे। इनमें वे जमीनें भी शामिल होंगी, यो याचिकाओं में फंसी हैं।
एक अधिकारी ने कहा, ‘कनाडा लैंड्स कंपनी सलाहकार की भूमिका निभा सकती है और परिचालन में लैंड एसपीवी की मदद कर सकती है।’  यह विश्व बैंक द्वारा विनिवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) को विश्व बैंक द्वारा दी जा रही परामर्श सेवा के अतिरिक्त होगा, जो गैर प्रमुख संपत्तियों के मुद्रीकरण के लिए मिल रही है।
इस मसले पर कनाडा लैंड्स कंपनी के प्रवक्ता ने भेजे गए ई मेल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
पिछले साल केंद्र ने विश्व बैंक सलाहकार परियोजना को मंजूरी दे दी थी, जिसका काम भारत में सार्वजनिक संपत्ति के मुद्रीकरण का विश्लेषण करना और इसके संस्थागत और कारोबारी मॉडलों को अंतरराष्ट्रीय बेहतरीन गतिविधियों के मुताबिक मानकीकरण करना है। यह इस तरह की संपत्तियों के क्षमता निर्माण और परिचालन संबंधी दिशानिर्देश को विकसित करने में भी सहायता करेगा। यह सरकार की ओर से संपत्ति के मुद्रीकरण और इस्तेमाल न होने वाली संपत्तियों के मूल्य का इस्तेमाल करने की सरकार की रणनीति के तर्ज पर था, जिसके माध्यम से निवेश व वृद्धि के लिए वित्तीय संसाधन जुटाया जा सकता है।
केंद्रीय बजट में एसपीवी बनाए जाने की घोषणा के बाद सरकार ने कुछ वैश्विक सॉवरिन संचालित भूमि बैंकों का अध्ययन किया है और कनाडा के मॉडल को लागू करने पर विचार किया है। सरकार ने पहले पीएसयू की जमीने बेचने की कवायद की है, लेकिन लंबित याचिकाओं व  पट्टे की शर्तों की वजह से ऐसा करने में सफल नहीं हो सकी।
इसके विपरीत कनाडा लैंड्स कंपनी सरकार के  विभागों की अतिरिक्त जमीन अच्छे दाम पर बेचने और उनके मुद्रीकरण में सफल रही है। कनाडा में जब इस निकाय का गठन किया गया, सरकार के विभागों ने बगैर किसी तात्कालिक लाभ के अपनी दावेदारी छोडऩे को तैयार हो गए, जिसकी वजह से निजी क्षेत्र द्वारा इसके बेहतर इस्तेमाल की राह खुल सकी। कंपनी को सरकार से कोई वित्तपोषण नहीं हुआ और वह अपने लाभ में से कनाडा सरकार को लाभांश का भुगतान करती है। यह स्थानीय सरकार व समुदायों से मिलकर परियोजनाएं तैयार करती है, जो वित्तीय रूप से व्यावहारिक हों और इससे मूल्य का सृजन हो सके। मार्च, 2020 को समाप्त हुए 3 वर्षों में कनाडा लैंड्स कंपनी ने 86.8 करोड़ डॉलर राजस्व का सृजन किया है और 36 करोड़ डॉलर के परिचालन मुनाफे में चल रही है।
मंत्रिमंडल जल्द ही कंपनी अधिनियम के तहत नैशनल लैंड मोनेटाइजेसन कॉर्पोरेशन के गठन के प्रस्ताव पर विचार करेगा। यह 100 प्रतिशत सरकारी इकाई होगी और यह सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) के प्रशासनिक नियंत्रण में होगी।
लैंड एसपीवी एक निश्चित शुल्क पर जमीनों को किराये पर, पट्टे पर और संपत्तियों के मुद्रीकरण के लिए उसके विकास का  काम करेगी।

First Published - October 26, 2021 | 11:05 PM IST

संबंधित पोस्ट