निजी क्षेत्रके ऋणदाता ऐक्सिस बैंक ने 31 दिसंबर, 2021 को समाप्त होने वाली तिमाही के दौरान शुद्ध लाभ में सोमवार को 224 प्रतिशत की उछाल के साथ 3,614 करोड़ रुपये का इजाफा दर्ज किया है, जो जमा और ऋण में जोरदार वृद्धि के प्रदर्शन और परिसंपत्ति की गुणवत्ता में सुधार पर आधारित है। ऋणदाता ने एक साल पहले की अवधि में 1,117 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।
बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 8,653 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 22 की तीसरी तिमाही में शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) तिमाही आधार पर 14 आधार अंक तक बढ़कर 3.53 प्रतिशत हो गया। अर्जित ब्याज वित्त वर्ष 21 की तीसरी तिमाही के दौरान 15,426 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 17,261 करोड़ रुपये हो गया है।
प्रावधान और आकस्मिक व्यय एक साल पहले के 3,757 करोड़ रुपये के मुकाबले खासा कम होकर 1,335 करोड़ रुपये रह गया है।
एसबीआई काड्र्स का शुद्ध लाभ 84 फीसदी बढ़ा
एसबीआई काड्र्स ऐंड पेमेंट्स सर्विसेज ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (वित्त वर्ष 22 की तीसरी तिमाही) के दौरान शुद्ध लाभ में 84 प्रतिशत इजाफे के साथ 386 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की है, जिसे शुल्क आय में दमदार वृद्धि और कम प्रावधानों से सहायता मिली है। पिछले साल की इसी अवधि में शुद्ध लाभ 210 करोड़ रुपये था।
सालाना आधार पर इसकी ब्याज आय नौ प्रतिशत तक बढ़कर 1,273 करोड़ रुपये हो गई और शुल्क आय सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर 1,616 करोड़ रुपये रही, जिसके परिणामस्वरूप सालाना आधार पर राजस्व 24 प्रतिशत बढ़कर 3,140 करोड़ रुपये हो गया। इस तिमाही के दौरान में फंसे हुए ऋणों का प्रावधान 43 प्रतिशत गिरकर 1,161 करोड़ रुपये रह गया, जिसमें कोविड की तीसरी लहर के लिए 162 करोड़ रुपये का मैनेजमेंट ओवरले प्रावधान शामिल है। दिसंबर तिमाही के अंत में सकल गैर-निष्पादित आस्तियों (जीएनपीए) में क्रमिक रूप से 96 आधार अंकों की गिरावट के साथ 2.40 प्रतिशत की कमी आने से परिसंपत्ति की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है।
इसी प्रकार इस अवधि के दौरान शुद्ध एनपीए आठ आधार अंक तक गिरकर 0.83 प्रतिशत रह गया। इसने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दूसरे कोविड पुनर्गठन ढांचे के तहत 359.69 करोड़ रुपये के ऋणों का पुनर्गठन किया है। इस तिमाही (वित्त वर्ष 22 की तीसरी तिमाही) के दौरान एसबीआई काड्र्स ऐंड पेमेंट सर्विसेज, जो देश में क्रेडिट कार्ड का दूसरा सबसे बड़ा जारीकर्ता है, ने वित्त वर्ष 21 की तीसरी तिमाही के दौरान जोड़े गए 9,18,000 नए खातों की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक 10 लाख से अधिक खाते जोड़े हैं। इसके अलावा वित्त वर्ष 22 की तीसरी तिमाही के दौरान कुल व्यय 47 प्रतिशत तक बढ़कर 55,397 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वित्त वर्ष 21 की तीसरी तिमाही में यह 37,797 करोड़ रुपये था।
श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनैंस का लाभ 6 फीसदी घटा
श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनैंस कंपनी (एसटीएफसी) ने वित्त वर्ष 2021-22 की अक्टूबर से दिसंबर तक की तिमाही के दौरान शुद्ध लाभ में छह प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है, जो कम होकर 681 करोड़ रुपये रह गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह 728 करोड़ रुपये था। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान परिचालन से कंपनी का राजस्व 4,661 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही के दौरान 4,381 करोड़ रुपये की तुलना में छह प्रतिशत अधिक है।