facebookmetapixel
अश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेज

अमेरिकी अखबारों में कटौती

Last Updated- December 07, 2022 | 8:42 AM IST

अमेरिका में मंदी की मार समाचार उद्योग खास तौर पर अखबारों के कर्मचारियों पर पड़ रही है। पिछला एक हफ्ता तो अमेरिका के नामी अखबारों के लिए काफी खराब रहा, जब पिछले कुछ सालों की सबसे बड़ी कटौती से इस उद्योग को रूबरू होना पड़ा।


इस दौरान 6 अखबारों ने कहा कि वे कर्मचारियों के वेतन में कटौती करेंगे, जबकि एक अखबार ने छपाई का काम आउटसोर्स करने की बात कही। अमेरिकी प्रकाशन जगत की बड़ी कंपनी ट्रिब्यून ने तो शिकागो के अपने मुख्यालय और उस इमारत को बेचने तक की बात कह डाली, जिसमें लॉस एंजेलिस टाइम्स जैसे बड़े अखबार का कार्यालय है।

पिछले कुछ महीनों में आई इस गिरावट से वित्तीय विश्लेषक भी हैरान हैं। उनमें से ज्यादातर का कहना है कि गिरावट का अंदाजा लगा पाना मुश्किल है और हालात अभी कितने बिगड़ेंगे, कोई इस बारे में कुछ नहीं कह सकता। क्रेडिट एनालिसिस कंपनी फिच रेटिंग्स के मीडिया विश्लेषक माइक सिमोंटन ने कहा, ‘ अखबार किसी तरह से जिंदा भर हैं। अब इस क्षेत्र से हमें ज्यादा उम्मीद नहीं दिख रही। असल में तो प्रकाशकों को भी इस कदर गिरावट की उम्मीद नहीं थी।’

पिछले दो हफ्तों में ही ट्रिब्यून के दो अखबार हार्टफोर्ड कोरैंट और द बाल्टीमोर सन में कर्मचारियों की संख्या कम करने का ऐलान किया गया है। उनके अलावा द पाम बीच पोस्ट और डेटोना बीच जर्नल में भी स्टाफ कम करने की बात कही गई। द डेट्रॉयट न्यूजज और डेट्रॉयट फ्री प्रेस भी अपने साझे उपक्रम में 7 फीसद तक की कटौती करने की बात कह रहे हैं। नामी अखबार बोस्टन हेराल्ड ने अपने यहां छपाई का काम आउटसोर्सिंग के जरिये कराने की बात कही है। यदि ऐसा होता है, तो उसके 160 कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। कई अन्य बड़े अखबार भी अपने कर्मचारियों की संख्या 10 फीसद तक कम करने की बात कह रहे हैं।

First Published - June 30, 2008 | 11:18 PM IST

संबंधित पोस्ट