facebookmetapixel
चांदी ने बनाया इतिहास: MCX पर पहली बार ₹3 लाख के पारBCCL IPO Listing Today: प्री-ओपन में BSE पर 96%, NSE पर 95% प्रीमियम पर ट्रेडिंगपैसों के दम पर अमीर चुनाव खरीद लेते हैं? 66 देशों के सर्वे में बड़ा दावाIOC Q3 results: फरवरी में आएंगे नतीजे, जानिए पूरा शेड्यूलMarket Update Today: सेंसेक्स 500 अंक गिरा, निफ्टी 25,600 के नीचे; Wipro में 9% भारी नुकसानबजट पर शेयर बाजार की नजर: किन सेक्टरों पर बरसेगा सरकार का पैसा? जानें 5 ब्रोकरेज की रायBudget 2026: FY27 के यूनियन बजट से शेयर बाजार को क्या उम्मीदें हैंStocks To Watch Today: Tata Group से लेकर Vedanta तक, आज के कारोबार में ये शेयर रहेंगे सुर्खियों में; जानिए पूरी लिस्टArtemis 2 Mission: 1972 के बाद पहली बार फरवरी में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगेBMC Election 2026: जीत के बाद भाजपा के सामने शहर का नए सिरे से विकास और निवेश की चुनौती

अगले 10 सालों में 90% नौकरियों को समाप्त कर सकता है AI: कुणाल शाह

शाह ने कहा कि हम लोग स्वयं को और अधिक काबिल बनाने में पिछड़ रहे हैं।

Last Updated- September 07, 2023 | 11:22 PM IST
Nvidia

कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशल इंटेलिजेंस) अगले 10 वर्षों में नौकरियों के लिए खतरा बन सकती है। यह कहना है वित्त तकनीक क्षेत्र की कंपनी क्रेड के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी कुणाल शाह का। शाह ने मुंबई में ‘ग्लोबल फिंच फेस्ट’ में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हम एआई के जोखिम को फिलहाल महसूस नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने कहा, लोग सिर्फ यह समझ रहे हैं कि एआई चैट जीपीटी है मगर इसके दूरगामी परिणाम नहीं समझ पा रहे हैं। मगर मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि आज जिन लोगों के पास नौकरियां हैं उनमें 90 फीसदी के पास अगले 10 वर्षों में नौकरियां नहीं रहेंगी या उनकी नौकरियां का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।

शाह ने कहा कि हम लोग स्वयं को और अधिक काबिल बनाने में पिछड़ रहे हैं। शाह ने कहा, ‘काश ऐसा हो पता कि मैं अपने आप का एक प्रतिरूप (क्लोन) तैयार कर लेता और 10 कंपनियां खड़ी कर लेता। मैंने अब तक किसी एआई कंपनियों में निवेश नहीं किया है क्योंकि मैं इनमें किसी में भी अच्छी गुणवत्ता नहीं देखी है। मुझे लगता है कि भारत अच्छी एआई कंपनियां तैयार कर सकता है और संभवतःआगे चलकर हमें ऐसी अच्छी कंपनिया देखने को मिल सकती हैं।’

हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत में स्टार्टअप कंपनियां एक कठिन दौड़ से गुजरने वाली हैं क्योंकि संस्थापकों को लगता है कि बिना पूंजी स्टार्टअप इकाइयों का वे परिचालन नहीं कर सकते। शाह ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमें एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन वाली कंपनियों की सराहना का बंद करनी चाहिए। इसके बजाय हमें उन लोगों की सराहना सराहना करनी चाहिए जिनके पास पूंजी का भंडार है।’

कई ऐसे संस्थापक हैं जिन्होंने कितनी मुनाफे में चलने वाली कंपनियां खड़ी की हैं मगर उन्हें कोई जानता तक नहीं। हमारे देश में उद्यमशीलता में कोई कमी नहीं थी लेकिन अब हम लोगों के लिए पूंजी एक नई चीज है। शाह ने कहा कि उन्होंने केवल स्टार्टअप कंपनियों में निवेश किया है। उन्होंने कहा, ‘मैं म्युचुअल फंड या स्टॉक में निवेश नहीं करता हूं बल्कि केवल स्टार्टअप कंपनियों मे निवेश करता हूं। मैं केवल लाभ कमाने के ऐसा लिए नहीं करता हूं बल्कि इन कंपनियों को आगे बढ़ाने के लिए मेहनत करता हूं। पहले में इन स्टार्टअप कंपनियों मे निवेश करने से पहले उनके संस्थापकों से मिला करता था मगर अब ईमेल या व्हाट्सऐप पर ही काम हो जाता है।’

शाह ने कहा कि अब तक उन्होंने 70 से 80 वित्त तकनीक क्षेत्र की स्टार्टअप कंपनियों मे निवेश किया है और उनके निवेश का औसत आकार 50, 000 डॉलर रहा है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि आप 1,000 उच्च गुणवत्ता एवं क्षमता वाले संस्थापक तैयार कर सकते हैं। हम अपने देश के लोगों को नौकरियां ढूंढने वालों से नौकरियां देने वाले बना सकते हैं।’

First Published - September 7, 2023 | 10:10 PM IST

संबंधित पोस्ट