facebookmetapixel
Advertisement
Bharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौतीपश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सतर्क, रणनीतिक तेल भंडार विस्तार प्रक्रिया तेजGST कटौती से बढ़ी मांग, ऑटो और ट्रैक्टर बिक्री में उछाल: सीतारमण

भारत के विकास पथ के लिए एजेंटिक AI जरूरी, नहीं तो मध्य आय जाल में फंस सकता है देश: अरुंधति भट्टाचार्य

Advertisement

भट्टाचार्य ने बताया कि एजेंटिक एआई भारत के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण होगी, शायद कई अन्य बाजारों से भी ज्यादा

Last Updated- November 28, 2025 | 10:18 PM IST
Arundhati Bhattacharya
सेल्सफोर्स इंडिया की चेयरपर्सन और मुख्य कार्य अधिकारी अरुंधती भट्टाचार्य | फाइल फोटो

देश में उद्यम जहां तेजी से बदलती एआई तकनीक के हिसाब से काम कर रहे हैं, वहीं सेल्सफोर्स इंडिया की चेयरपर्सन और मुख्य कार्य अधिकारी अरुंधती भट्टाचार्य का मानना है कि एजेंटिक एआई भारत के लिए बहुत अहम होगी और इसे दृढ़ता के साथ अपनाने की जरूरत है।

भट्टाचार्य ने बताया कि एजेंटिक एआई भारत के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण होगी, शायद कई अन्य बाजारों से भी ज्यादा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत बहुत बड़ी आबादी वाला देश है और अगर हम देश के जनसांख्यिकी फायदे की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो ऐसी तकनीक का फायदा उठाना होगा जो व्यापक स्तर पर प्रभावकारी तरीके से असर डालने में देश की मदद करें। एजेंटिक एआई ऐसी ही तकनीक है।

उन्होंने बिज़नेस स्टैंडर्ड के साथ वर्चुअल बातचीत में कहा, ‘एजेंटिक एआई हमें इंसानी क्षमता बढ़ाकर और व्यापक स्तर पर रुचिपूर्ण, अधिक गुणवत्ता वाली सेवाएं देकर उस अंतर को पाटने में मदद करती है। इसीलिए मेरा मानना है कि एजेंटिक एआई भारत की वृद्धि के लिए अहम है। अगर हम इसे दृढ़तापूर्वक नहीं अपनाते हैं, तो हम मध्य आय वाले ब्रैकेट में फंसने का जोखिम उठा रहे हैं क्योंकि हमारा श्रमबल बदलाव की रफ्तार या आगे आने वाली चुनौतियों की मुश्किलों को संभालने के लिए तैयार नहीं होगा। इसलिए एजेंटिक एआई का इस्तेमाल करना वैकल्पिक नहीं है, बल्कि यह उत्पादकता, दक्षता और समूची आर्थिक प्रतिस्पर्धी क्षमता को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है।’

अपनी बात समझाने के लिए वहबताती हैं कि देश ने वित्तीय समावेशन के लिए किस तरह जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास 1.4 अरब लोग और लगभग 6,00,000 गांव हैं। जब भारत ने वित्तीय समावेशन के लिए जोर दिया, तो यह आधार और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी बुनियादी तकनीकों के बिना संभव नहीं होता। आज भी यही सिद्धांत लागू होता है। चाहे यह स्वास्थ, शिक्षा, कौशल विकास की बात हो या दूसरी जरूरी सेवाओं तक पहुंच की, ऐसा कोई भौतिक मौजूदगी वाला प्रारूप नहीं है, जो इन्हें बड़े स्तर पर या हमारी आबादी के लिए जरूरी रफ्तार से उपलब्ध कर सके।’

Advertisement
First Published - November 28, 2025 | 10:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement