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ऑनलाइन गेमिंग के बाद अब गूगल, फेसबुक, X को देना पड़ सकता है 18% GST

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CBDT की नोटिफिकेशन के अनुसार, अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हो रही कमाई पर भी 18 फीसदी जीएसटी लग सकता है।

Last Updated- September 28, 2023 | 11:55 AM IST
GST

भारत सरकार कसीनो और ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर जीएसटी लगाने के बाद अब गूगल, X (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक और अन्य एडटेक कंपनियों पर 18 फीसदी जीएसटी लगा सकती है। इसको लेकर सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स यानी सीबीडीटी ने एक नोटिफिकेशन भी जारी किया है।

सरकार का यह निर्णय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर या कंटेंट क्रिएटर्स को तगड़ा झटका दे सकता है।

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क्या कहा गया है नोटिफिकेशन में?

CBDT की नोटिफिकेशन के अनुसार, अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए हो रही कमाई पर भी 18 फीसदी जीएसटी लग सकता है।

क्लाउड सर्विसेज, ऑनलाइन विज्ञापन, म्यूजिक, ऑनलाइन एजुकेशन यानि एडटेक कंपनियों पर GST लागू किया जा सकता है।

वित्त मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, विदेशी डिजिटल सेवा प्रदाता कंपनियों (Online Information Database Access and Retrieval यानी OIDAR) से पर्सनल यूज के लिए ऑनलाइन सेवाओं का इम्पोर्ट करना जीएसटी के दायरे में आएगा।

भारतीय उपयोगकर्ताओं को व्यापक स्तर पर डिजिटल सेवाएं मुहैया कराने वाली या कंटेंट स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म जैसे नेटफ्लिक्स, स्पॉटिफाय, हॉटस्टार विदेशी कंपनियों को 1 अक्टूबर से GST नियमों का अनुपालन करना होगा। इन कंपनियों को 18 फीसदी की दर से जीएसटी का भुगतान करना होगा, भले ही उनकी सेवाओं का उद्देश्य कुछ भी हो।
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने इसके बारे में नियम अधिसूचित किया है।

इसमें कहा गया है कि ऑनलाइन सूचना और डेटाबेस एवं रीट्राइवल सेवाओं (ओआईडीएआर) के लिए कर छूट नहीं मिलेगी। इस तरह की सेवाओं पर भी 1 अक्टूबर से कर का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही सीबीआईसी ने समुद्री माल ढुलाई के माध्यम से आयातित खेप पर 5 फीसदी एकीकृत जीएसटी से छूट को स्पष्ट किया है।
इस कदम से अधिकारियों को विदेशी फर्मों को पंजीकृत करने, कर छूट और जीएसटी प्रावधानों के तहत रिटर्न दाखिल करने के लिए जीएसटी अनुपालन के लिए प्रेरित करते हुए कर लागू करने में मदद मिलेगी।

ऑनलाइन गेमिंग फर्मों को मिला जीएसटी नोटिस

डीजीजीआई (DGGI) ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की चोरी के आरोप में नोटिस भेजे गए हैं। कई फर्में नोटिस को चुनौती देने अदालत भी पहुंच गई हैं। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि सभी प्रमुख गेमिंग फर्मों को नोटिस जाने के बाद जीएसटी की कुल बकाया रा​शि 1.5-2 लाख करोड़ रुपये से अ​धिक हो सकती है।

यह भी पढ़ें : GST नोटिस पर अदालत पहुंच रहीं ऑनलाइन गेमिंग फर्में

देश की तीन यूनिकॉर्न गेमिंग कंपनियों में से दो- ड्रीम 11 और गेम्स 24×7 को पहले ही शुरुआती नोटिस भेजे जा चुके हैं। तीसरी कंपनी एमपीएल है, जिसे अभी नोटिस नहीं मिला है लेकिन कंपनी को जानने वालों ने कहा कि इसे भी अगले हफ्ते तक नोटिस मिल जाएगा।

नोटिस पाने वाली अन्य कंपनियों में बेंगलूरु की गेम्सक्राफ्ट और हेड डिजिटल वर्क्स शामिल हैं। जानकारों ने कहा कि गेम्स 24×7 को 20,000 करोड़ रुपये का शुरुआती नोटिस पहले ही भेजा जा चुका है और 5,000 करोड़ रुपये का नोटिस हेड डिजिटल वर्क्स को भी जा चुका है।

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First Published - September 28, 2023 | 9:36 AM IST

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