facebookmetapixel
Kotak Mahindra Bank का निवेशकों को जबरदस्त तोहफा: 1:5 में होगा स्टॉक स्प्लिट, रिकॉर्ड डेट फिक्सकनाडा ने एयर इंडिया को दी कड़ी चेतावनी, नियम तोड़ने पर उड़ान दस्तावेज रद्द हो सकते हैंट्रंप का दावा: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी गिरफ्त में; हवाई हमलों की भी पुष्टि कीHome Loan: होम लोन लेने से पहले ये गलतियां न करें, वरना एप्लीकेशन हो सकती है रिजेक्टअमेरिका का वेनेजुएला पर बड़ा हमला: राजधानी काराकास हुए कई जोरदार धमाके, देश में इमरजेंसी लागूStock Split: एक शेयर टूटेगा 10 भाग में! A-1 Ltd का छोटे निवेशकों को तोहफा, निवेश करना होगा आसानBonus Stocks: अगले हफ्ते दो कंपनियां देंगी बोनस, निवेशकों को बिना लागत मिलेंगे एक्स्ट्रा शेयरअंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए राहत, रेड चैनल पर कस्टम्स अधिकारी अब हर कदम करेंगे रिकॉर्ड!Zomato CEO ने गिग वर्क मॉडल का बचाव किया, कहा 10.9% बढ़ी कमाईApple ने भारत में बनाई एंकर वेंडर टीम, ₹30,537 करोड़ का निवेश; 27 हजार से अधिक को मिलेगा रोजगार

‘एडवीक’ जल्द दिखेगी भारत के स्टॉल्स पर

Last Updated- December 05, 2022 | 4:53 PM IST

अमेरिका की विज्ञापन और मीडिया जगत की मशहूर पत्रिका ‘एडवीक’ जल्द ही भारतीय पत्रिकाओं के स्टॉल पर नजर आने जा रही है।


विज्ञापन, मार्केटिंग और मीडिया की दुनिया से खबरें लाने वाली 30 साल पुरानी इस पत्रिका के भारत आने का रास्ता साफ हो चुका है। एस्सार समूह की कंपनी पपरिका मीडिया लाइसेंसिंग समझौते के तहत एडवीक को भारत लाएगी।


पपरिका मीडिया में सूत्रों ने इस बात की तस्दीक भी कर दी है। उनके मुताबिक एडवीक को देश में लाने के लिए कंपनी नीदरलैंड के समूह वीएनयू के साथ समझौता कर चुकी है। वीएनयू बहुत बड़ा मीडिया समूह है और अमेरिका में दर्शकों के आधार पर टीवी कार्यक्रमों की रेटिंग करने वाली मशहूर कंपनी नीलसन मीडिया रिसर्च उसी का हिस्सा है।


एडवीक विज्ञापन और मीडिया उद्योगों के बारे में भारत में लाँच होने वाली दूसरी अंतरराष्ट्रीय पत्रिका होगी। हेमार्केट समूह पहले ही यहां ‘कैंपेन’ उतार चुका है। कैंपेन की कीमत 100 रुपये है। लेकिन एडवीक के लिए केवल यही पत्रिका प्रतिद्वंद्वी नहीं है। उसे देशी पत्रिकाओं ‘ब्रांड रिपोर्टर’ और ‘इंपैक्ट’ से भी मुकाबला करना होगा। ये दोनों पत्रिकाएं महीने में दो बार प्रकाशित होती हैं।


पपरिका मीडिया को इस पत्रिका के कामयाब होने का पूरा यकीन है। उसने कुछ समय पहले भारत में ‘टाइम आउट’ पत्रिका भी लाँच की थी, जो ब्रिटिश कंपनी के साथ लाइसेंस समझौते के तहत प्रकाशित की जाती है। मुंबई और दिल्ली में कामयाबी के बाद कंपनी इसे बेंगलुरु में भी लाँच करने की योजना बना रही है।

First Published - March 22, 2008 | 12:38 AM IST

संबंधित पोस्ट