अदाणी वेलस्पन एक्सप्लोरेशन ने मुंबई ऑफशोर तट के ताप्ती-दमन सेक्टर में स्थित अपने ब्लॉक में प्राकृतिक गैस की खोज की है।
अदाणी वेलस्पन एक्क्प्लोरेशन (एडब्ल्यूईएल) की इसमें कुल 100 प्रतिशत की भागीदारी दिलचस्पी (पीआई) है और वह 714.6 वर्ग किलोमीटर में फैले इस नेल्प-7 ब्लॉक एमबी-ओएसएन-2005/2 की ऑपरेटर है। इसका उत्पादन इस ब्लॉक के दायरे में मौजूद अन्य ऑपरेटरों द्वारा पहले से ही किया जा रहा है।
एडब्ल्यूईएल के प्रबंध निदेशक संदीप गर्ग ने इस खोज पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘कंपनी इस गैस जनित जोन में पास के डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड बी-9 क्लस्टर की 100 प्रतिशत पीआई के साथ भी ऑपरेटर है। इन दो ब्लॉकों की निकटता एडब्यूईएल को दोनों ब्लॉकों की नजदीकी और अनुकूल विकास में भी सक्षम बनाएगी।’
एडब्ल्यूईएल ने कहा कि मार्च 2021 में मौजूदा कुएं की खुदाई ने इस ब्लॉक में बड़ी मात्रा में गैस उपलब्ध होने की पुष्टि की है। खुदाई के दौरान चिह्नित इन तीन संभावित क्षेत्रों में से दो की जांच ड्रिल स्टेम टेस्टिंग (डीएसटी) द्वारा की गई।
एडब्ल्यूईएल ने कहा, ‘भुगतान क्षेत्रों और प्रवाह की दर का टकराव कंपनी के शुरुआती अनुमानों को पार कर गया है।’ एडब्ल्यूईएल को नई अन्वेषण लाइसेंसिंग नीति-7 की बोली प्रक्रिया के राउंड में ब्लॉक दिया गया था। बयान में कहा गया है कि शुरुआती संकेतकों में महुवा और दमन के संरचनाओं के बलुआ पत्थर जलाशयों के अंदर गैस क्षेत्र की उपस्थिति होने की बात कही गई।
एडब्ल्यूईएल मौजूदा समय में मुंबई ऑफशोर बेसिन में दो तेल एवं गैस ब्लॉकों का परिचालन करती है। अन्य ब्लॉक एमबी/ ओएसडीएसएफ/ बी9/2016 तेज विकास के दौर में है और इसे छोटे क्षेत्रों की बोली के चरणों में खोजा गया था। कंपनी ने कहा है कि इस ब्लॉक में तीन गैस खोज और एक तेल खोज हुई है। एडब्ल्यूईएल की कच्छ के खाड़ी क्षेत्र में तेल एवं प्राकृतिक गैस (ओएनजीसी) द्वारा परिचालित दो हाइड्रोजन ब्लॉकों में 30 प्रतिशत तक की भागीदारी दिलचस्पी (पीआई) भी है। ये दोनों ब्लॉक मौजूदा समय में अप्रेजल के चरण में हैं। कच्छ ब्लॉक-1 में दो गैस खोज हुई हैं और क्च्छ ब्लॉक 2 में अब तक एक गैस खोज पूरी हुई है।
कोलंबो में कंटेनर टर्मिनल बनाएगी अदाणी पोट्र्स
अदाणी समूह की फर्म अदाणी पोट्र्स ऐंड स्पेशल इकनॉमिक जोन्स लिमिटेड (एपीएसईजेड) को आज श्रीलंका सरकार से लेटर ऑफ इंटेंट प्राप्त हो गया, जो कोलंबो में वेस्ट कंटेनर टर्मिनल विकसित करने और उसके परिचालन के लिए है।
कंसोर्टियम के तहत एपीएसईजेड श्रीलंका की सबसे बड़ी विशाखित कंपनी जॉन कील्स होल्डिंग्स पीएलसी व श्रीलंका पोट्र्स अथॉरिटी संग साझेदारी करेगी।
वेस्ट कंटेनर टर्मिनल 35 साल के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत बिल्ड, ऑपरेट व ट्रांसफर के आधार पर विकसित किया जाएगा। वेस्ट कंटेनर टर्मिनल का क्वे लेंथ 1400 मीटर होगा और 20 मीटर गहरा भी, ऐसे में यह अल्ट्रा लार्ज कंटेनर कैरियल के लिए प्राइम ट्रांसशिपमेंट कार्गो डेस्टिनेशन बन जाएगा। बीएस