अदाणी समूह मुंबई की धारावी (Dharavi) झुग्गी बस्ती की पुनर्विकास परियोजना के लिए आंतरिक स्रोतों और विशेष रूप से गठित इकाई (special purpose vehicle-SPV) में हिस्सेदारी बिक्री के जरिये वित्त जुटाने की योजना बना रहा है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अदाणी समूह ने नवंबर, 2022 में 5,069 करोड़ रुपये के शुरुआती इक्विटी निवेश के साथ धारावी के पुनर्विकास के लिए महाराष्ट्र सरकार की तरफ से आयोजित निविदा हासिल की थी। धारावी एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी है।
इस परियोजना की फंडिंग के बारे में आई मीडिया रिपोर्टों के बारे में पूछे जाने पर एक जानकार सूत्र ने कहा कि निविदा की शर्तें बहुत स्पष्ट हैं और परियोजना के वित्तपोषण के लिए कोई कर्ज नहीं लिया जा सकता है। ऐसी स्थिति में समूह आंतरिक स्रोतों के अलावा नवीन वित्तीय साधनों पर ध्यान देगा। हालांकि, सूत्र ने कहा कि अभी ऐसी स्थिति नहीं आई है कि बाजार से वित्तपोषण किया जाए।
सूत्रों ने कहा कि अदाणी समूह ने धारावी के समृद्ध व्यवसायों और उद्यमियों को ध्यान में रखते हुए मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ इस बड़ी झुग्गी बस्ती के पुनर्विकास की परिकल्पना की है।
इसका उद्देश्य न केवल क्षेत्र के निवासियों की आजीविका की रक्षा करना है बल्कि उनके कौशल को भी बढ़ाना है। इसके लिए एक कौशल विकास केंद्र स्थापित किया जाएगा जिसमें क्षेत्र के सभी नागरिकों, खासकर महिलाओं और युवाओं पर विशेष ध्यान देकर उन्हें बेहतर भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा।
समूह ने दो दिन पहले ही कहा था कि धारावी परियोजना की विकास योजना का मसौदा तैयार करने के लिए उसने प्रसिद्ध वास्तुकार हफीज कॉन्ट्रैक्टर सहित तीन कंपनियों को शहर योजनाकारों के रूप में नियुक्त किया है। इसमें डिजाइन फर्म ससाकी और सलाहकार फर्म बुरो हैपोल्ड भी शामिल हैं। हालांकि, समूह ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए किसी समयसीमा का उल्लेख नहीं किया है।