facebookmetapixel
Advertisement
Q4 Results: ITC का शुद्ध लाभ बढ़ा, जानें नायिका, मैक्स हेल्थकेयर समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्टEditorial: नॉर्डिक देशों के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारीबैंक बोर्ड बैठकों में अहम मुद्दों पर ध्यान नहीं, क्यों जरूरी है गवर्नेंस में बड़ा बदलाव?भारत में तेजी से बदलते रोजगार परिदृश्य पर नीति निर्माताओं को देना होगा ध्यानIPO और Relisted Shares के नियम बदलने की तैयारी, SEBI ने प्राइस डिस्कवरी में बड़े बदलाव सुझाएGift City में एंट्री करेगी QRT, भारत में बढ़ेगी हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग की रफ्तारपरिचालन के मोर्चे पर ओला इलेक्ट्रिक को बढ़त, लेकिन रिकवरी की रफ्तार पर अब भी विश्लेषकों को संशयGold-Silver Price: चांदी में 5,000 रुपये की उछाल, सोना भी मजबूतNCDEX के रेनफॉल फ्यूचर को अदालत में चुनौती देगी स्काईमेट9 दिन बाद संभला रुपया, RBI के दखल और कच्चे तेल में नरमी से मिली बड़ी राहत

मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीद प्रक्रिया फिर शुरू, बेमौसम बारिश के चलते उठाया गया कदम

Advertisement
Last Updated- March 21, 2023 | 11:27 PM IST
Government will sell 30 lakh tonnes of wheat

मध्य प्रदेश सरकार ने 22 मार्च से तीन दिनों तक गेहूं की खरीद के लिए आधिकारिक रूप से पंजीकरण आज से फिर शुरू कर दिया है। यह कदम राज्य सरकार ने बेमौसमी बरसात के कारण प्रदेश में गेहूं की खड़ी फसल को व्यापक रूप से नुकसान पहुंचने की सूचना मिलने के मद्देनजर उठाया है। पहले पंजीकरण की अंतिम तिथि 28 फरवरी थी। इसे बाद में बढ़ाकर 5 मार्च कर दिया गया था।

राज्य सरकार ने 50 फीसदी फसल का नुकसान होने की स्थिति में 32,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से वित्तीय मदद देने की भी घोषणा की है। सरकार ने फसल बीमा योजना के तहत भुगतान शीघ्र करने की भी घोषणा की है।

इससे पंजीकरण नहीं करवाने वाले किसानों को एक मौका और मिलेगा। इससे किसान पहले से तय न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,125 रुपये प्रति क्विंटल पर सरकारी खरीद चैनलों को अपना गेहूं बेच सकेंगे। इस कदम से न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर जा चुके गेहूं के भाव संभालने में मदद मिलेगी। गेहूं के दाम गिरने के कारण किसानों में असंतोष बढ़ रहा है।

पीटीआई के मुताबिक हालिया घटनाक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित विदिशा जिले के गांवों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बागवानी की फसल को हुए नुकसान का जायजा लें। इससे किसानों को मुआवजा दिया जा सकेगा। चौहान ने कहा कि 50 फीसदी से अधिक फसल का नुकसान होने की स्थिति में 32,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक गाय/भैंस का नुकसान की भरपाई के लिए प्रति मवेशी 37,500 रुपये दिए जाएंगे। बछिया का नुकसान होने पर 20,000 रुपये, भेड़ का नुकसान होने पर 4,000 रुपये और मुर्गे व मुर्गी का नुकसान होने पर 100 रुपये प्रति इकाई दिया जाएगा।

बारिश से नुकसान होने वाले घरों को भी मुआवजा दिया जाएगा।

चौहान ने किसानों को आश्वस्त किया कि ऋण वसूली की तारीख को बढ़ा दिया जाएगा और किसानों के ऋण के ब्याज का भुगतान सरकार करेगी। अगली फसल तक शू्न्य ब्याज दर पर ऋण मुहैया करवाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बारिश से पीड़ित किसानों की बेटियों की शादी के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत संबंधित परिवार को 56,000 रुपये की सहायता का प्रावधान है।

Advertisement
First Published - March 21, 2023 | 11:27 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement