facebookmetapixel
महिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेजतीसरी तिमाही में बैंकिंग सेक्टर की जोरदार वापसी, उधारी में दो अंकों की तेज बढ़त

बुआई शुरू होने से सोयाबीन और सरसों में कमजोरी

Last Updated- December 07, 2022 | 10:01 AM IST

सोयाबीन और सरसों तेल की वायदा कीमत में मंगलवार को गिरावट देखी गयी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी के रुख के बीच देश भर से इनकी बुआई के बेहतर नतीजे मिलने से इनकी कीमतों में ये कमी आयी है।


रेलीगेयर कमोडिटीज के एक विश्लेषक के मुताबिक, सोयाबीन के उत्पादन क्षेत्र में बढ़ोतरी और इसकी वैश्विक कीमतों में कमी से इसकी घरेलू कीमतें प्रभावित हुई हैं। मंगलवार को सबसे ज्यादा सक्रिय जुलाई अनुबंध में 2.39 फीसदी की कमी हुई और यह गिरकर 2,673.50 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गयी।

वहीं इसके अगस्त अनुबंध में भी 2.39 फीसदी की कमी हुई और यह 2,651 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर तक पहुंच गयी है। सितंबर अनुबंध में भी 2.30 फीसदी की कमी हुई है और यह 2,633 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गयी है। सोयाबीन कारोबार का मुख्य केंद्र इंदौर के हाजिर बाजार में सोयाबीन की कीमत फिलहाल 1,775 रुपये प्रति क्विंटल पर टिकी है।

खबर है कि सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 3 जुलाई तक बढ़कर पिछले साल के 22.07 हेक्टेयर की तुलना में 24.82 लाख हेक्टेयर हो चुका है। शिकागो में सोयाबीन के भाव ने सोमवार को 1,579 सेंट प्रति बुशेल के न्यूनतम सर्किट को छू लिया। ऐसा साफ मौसम के पूर्वानुमान और कच्चे तेल की कीमतों में कमजोरी आने के संकेत से हुआ है। वहीं जुलाई अनुबंध के सौदे में 0.69 फीसदी की गिरावट हुई और यह भी 1,589 सेंट प्रति बुशेल के स्तर तक पहुंच गया।

हालांकि, सोया तेल की जुलाई डिलीवरी की कीमत में 2.44 फीसदी की गिरावट आयी और प्रति पाउंड इसकी कीमत 64.89 सेंट रह गई। उधर सोयाबीन में गिरावट का असर सरसों बीज के वायदा कीमतों पर भी पड़ा और इसकी कीमतों में कमी आना जारी रहा है। कार्वी कॉमट्रेड के विश्लेषक वीरेश हीरेमठ ने बताया कि मानसून के आने और इसकी बुआई की गतिविधियां शबाब पर होने से सरसों की कीमतों पर असर पड़ा है।

जुलाई अनुबंध की कीमत में 1.30 फीसदी की कमी हुई और 20 किलोग्राम सरसों की कीमत लुढ़ककर 639 रुपये तक पहुंच गयी। सितंबर महीने के वायदा अनुबंध का भाव 1.50 फीसदी लुढ़ककर 667.80 रुपये प्रति 20 किलो रह गया। जबकि नवंबर अनुबंध के सरसों की कीमत 1.73 फीसदी लुढ़ककर 679.35 रुपये प्रति 20 किलोग्राम रह गयी।

First Published - July 8, 2008 | 11:52 PM IST

संबंधित पोस्ट