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कृषि उत्पादों की वायदा कीमतों में तेजी का रूख

Last Updated- December 05, 2022 | 4:31 PM IST

कृषि उत्पादों के वायदा कारोबार में कल काफी तेजी देखी गई। यह तेजी पिछले हफ्ते बाजार में आई गिरावट के बाद सक्रिय होते मंदड़ियों की वजह से आई है।


ज्यादातार जिंस की खरीदारी में तेजी देखी गई और विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी इसमं  तेजी बनी रहेगी।
शुरुआत में कृषि उत्पादों के वायदा कारोबार में नरमी देखी गई, लेकिन बाद में लिवाली बढ़ने से इसमें काफी तेजी आई।


बाजार विश्लेषकों का कहना है कि व्यापारियों को इससे खासा लाभ होने की उम्मीद है।


खाद्यान्न


मक्का, जौ आदि खाद्यान्नों में तेजी देखी गई और बाजार के बंद होने के समय यह अपने उच्चतम स्तर पर था।


हालांकि बर्ड फ्लू से जूझ रही पश्चिम बंगाल में पिछले हफ्ते मक्के की मांग कम होने से इसमें थोड़ी नरमी देखी गई, लेकिन लगभग सभी खाद्यान्न पिछले हफ्ते से उच्च स्तर पर बंद हुए।


चना


चना एक मात्र ऐसा दाल  है जिसका वायदा कारोबार किया जाता है। नेशनल कमोडिटी ऐंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज में इसकी कीमत में भी 100 रुपये की तेजी देखी गई और यह 2,966 टन प्रति क्विंटल के स्तर पर बंद हुआ।


हालांकि इसके उत्पादन में थोड़ी गिरावट आई हे। 5.8 मिलियन टन का अनुमान लगाया गया था, जबकि उत्पादन 4.7 मिलियन टन का ही हुआ। राजस्थान और मध्य प्रदेश में इसके उत्पादन में कमी आई है।


बाजार विशलेषकों का मानना है कि मध्यप्रदेश के किसान फिलहाल अपने उत्पाद को 2,900 रुपये प्रति क्विंटल से कम पर बेचने को तैयार नहीं है।


ऐसे में इसके वायदा कीमत पर असर पड़ने की संभावना है और यह 3,200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकता है।


मसाला


जीरा, हल्दी, मिर्च, कालीमिर्च आदि मसालों में तेजी का रुख रहा। दरअसल, कम आवक और मांग बढ़ने की वजह से इसकी कीमतों में तेजी देखी गई।


जीरा की कीमत में कमी आने की उम्मीद थी, लेकिन गुजरात और राजस्थान (प्रमुख जीरा उत्पादक राज्य) में खराब मौसम की वजह से जीरा के वायदा कीमत में तेजी आई।


प्रमुख आपूर्ति क्षेत्र अनझा से केवल 18000 बैग (55 किलो वाले) जीरा की आपूर्ति की खबर है। बाजार सूत्रों के मुताबिक, जीरा के स्टॉकिस्ट काफी मात्रा में इसकी खरीदारी में लगे हुए हैं। आपूर्ति में कमी होने से मिर्च के दाम में भी उछाल संभव है।


सोमवार को गुटूंर से 100,000 बैग (40 किलो प्रति बैग) मिर्च की आपूर्ति की गई। इसकी वजह से अप्रैल माह के लिए आपूर्ति में 10 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी देखी गई और यह 4,485 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई।


हल्दी की कीमत में भी तेजी देखी गई और यह 3,339 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई। बाजार सूत्रों के मुताबिक, अगर आपूर्ति ऐसी ही बननी रही, तो इसकी कीमतों में और तेजी आ सकती है और यह 3,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई।


रिफाइंड सोयाबीन तेल


सोयाबीन तेल की कीमत में भी थोड़ी कमी दर्ज की गई। अप्रैल के लिए आपूर्ति की जाने वाली तेल की कीमत में 11 रुपय्र प्रति 10 किलो की वृद्धि देखी गई और यह 975 रुपये प्रति दस किलो के स्तर पर बंद हुई।


हालांकि पिछले हफ्ते इसकी कीमत 700 रुपये प्रति दस किलो थी।


सोयाबीन और चीनी


सोयाबीन की वायदा कीमतों में तेजी देखी गई और यह 2,200 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2,203 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।


 इसी तरी चीनी के वायदा कीमतों में उछाल देखी गई। एम ग्रेड चीनी की कीमत 13 रुपये प्रति क्विंटल बढ़कर 1,569 रुपये तक पहुंच गई।
 


 

First Published - March 11, 2008 | 8:57 PM IST

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