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जूलरी निर्यात में जबर्दस्त उछाल

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Last Updated- December 05, 2022 | 4:46 PM IST

डायमंड के निर्यात पर ड्यूटी को जीरो फीसदी किए जाने के बाद फरवरी में जेम्स एंड जूलरी के निर्यात में जबर्दस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई।


 जेम्स एंड जूलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) के मुताबिक, फरवरी महीने में जेम्स एंड जूलरी के निर्यात में 41.67 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 1863.44 मिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। काउंसिल ने कहा है कि एक साल पहले यह आंकड़ा 1315.36 मिलियन डॉलर के स्तर पर था।


जीजेईपीसी के चेयरमैन संजय कोठारी ने कहा कि व्यापारियों ने डायमंड पर जीरो फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी का फायदा उठाया। उन्होंने कहा कि कई यूनिट जीरो इंपोर्ट डयूटी का फायदा उठाते हुए अपरिष्कृत हीरे का आयात कर रहे हैं और थोड़े बहुत वैल्यू एडिशन के बाद इसे दूसरे देशों को निर्यात कर रहे हैं।


इसी वजह से देश में डायमंड के आयात में 32 फीसदी की बढ़ोती दर्ज की गई है और फरवरी में यह 926.45 मिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है जबकि एक साल पहले यह 701.41 के स्तर पर था। काउंसिल द्वारा जारी आंकड़े में कहा गया है कि कट और पॉलिस्ड डायमंड का निर्यात पिछले महीने 1288.52 मिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गया और इसमें एक साल पहले के 796.54 मिलियन डॉलर के मुकाबले 60 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।


भारत ने इस दौरान कुल 32.31 कैरट कट और पॉलिस्ड हीरे का निर्यात किया। जीजेईपीसी ने कहा है कि अपरिष्कृत हीरे की शिपमेंट में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह पिछले साल के 35.07 मिलियन डॉलर के मुकाबले 60.37 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। पिछले महीने गोल्ड जूलरी की मांग में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई और इस लिहाज से निर्यात में 19.76 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।


 गोल्ड जूलरी का निर्यात 427.63 मिलियन डॉलर केस्तर पर पहुंच गया। जहां तक कट और पॉलिस्ड डायमंड की बात है, इसके निर्यात में 45.41 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह पिछले साल के 94.52 मिलियन डॉलर के स्तर से गिरकर 51.60 मिलियन डॉलर पर आ गिरा।


 इस वित्त वर्ष के पहले 11 महीने में कुल निर्यात 18741.58 मिलियन डॉलर का हुआ और इसमें पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 22.62 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। भारत मुख्य रूप से जेम्स जूलरी का निर्यात अमेरिका, मध्य पूर्व के देशों और हांगकांग को करता है।

घरेलू बाजार में भी सोना गिरा


अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में गिरावट के रुख के कारण देसी सर्राफा बाजार में भी सोने में नरमी का रुख  रहा। बाजार सूत्रों के मुताबिक सोने की कम मांग निकलने के कारण इसकी कीमतों में गिरावट आई। यह गिरावट प्रति दस ग्राम 180 रुपये तक रही। इस प्रकार बुधवार को सोने की कीमत 13,110 रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर पर पहुंच गई।


 माना जा रहा है कि शादी ब्याह के मौसम के खत्म होने व निवेशकों का रुख शेयर बाजार की ओर होने के कारण सोने की मांग में यह गिरावट आई है। सूत्रों का यह भी  कहना है कि जो वैश्विक रुझान स्थानीय बाजार में कीमतों को प्रभावित करते हैं वे भी इस बार व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित करने में सफल नहीं रहे।

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First Published - March 19, 2008 | 11:50 PM IST

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