facebookmetapixel
Advertisement
ईरान जंग के बीच Metal Stocks क्यों बने ब्रोकरेज की पसंद? Vedanta टॉप पिकActive vs Passive Funds: रिटर्न में एक्टिव फंड्स का पलड़ा अब भी भारी, पैसिव फंड्स की बढ़ रही रफ्तारFY26 में बाजार ने किया निराश, निफ्टी -5.1% और सेंसेक्स -7.1%; FY27 में निवेशक कहां लगाएं पैसा?Silver Funds में रिकॉर्ड तेजी के बाद ठहराव: अब आगे क्या करें निवेशक?Auto Sector Boom: शादी सीजन और सस्ता लोन बना गेमचेंजर! TVS, Bajaj, Tata में तेजी के संकेतNew Loan Rules: 1 अप्रैल से बदले लोन से जुड़े नियम, क्या ग्राहकों को मिलेगा सीधा फायदा?Defence Stocks: ₹6.7 लाख करोड़ के डिफेंस बूस्ट के बीच 7 शेयरों पर BUY की सलाहLoan Rules 2026: लोन के नए नियम लागू? क्या बदला, क्या नहींICICI, HDFC, SBI बने टॉप पिक; ब्रोकरेज ने कहा- अब पूरा सेक्टर नहीं, सही स्टॉक जरूरीStocks To Buy: 100 रुपये से सस्ते ये स्टॉक्स दे सकते है 65% तक रिटर्न, करीब 30% डिस्काउंट पर कर रहे ट्रेड

UP में गन्ने का SAP 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ा

Advertisement

राज्य में कुल 120 चीनी मिलों में से 93 निजी क्षेत्र की हैं और 24 सहकारी चीनी मिलें और 3 उत्तर प्रदेश चीनी निगम की मिलें हैं।

Last Updated- January 18, 2024 | 11:26 PM IST
Sugarcane

उत्तर प्रदेश सरकार ने सत्र 2023-24 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने की सभी किस्मों का राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाने की घोषणा की है। इससे अगेती किस्मों के गन्ने का एसएपी 370 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।

चीनी उद्योग और गन्ना विकास विभाग के मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि गन्ने के दाम में 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। अगेती किस्म की कीमत अब 370 रुपये प्रति क्विंटल होगी जबकि सामान्य किस्म का दाम 360 रुपये होगा।

हालांकि राज्य के पश्चिमी हिस्से के एसएपी में बढ़ोतरी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान इस बढ़ोतरी से खुश नहीं हैं और इसे अपर्याप्त बताया है।

भारतीय किसान यूनियन (गैर-राजनीतिक) के प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा, ‘कीमत में बढ़ोतरी मामूली है। हम गन्ने की कीमत बढ़ाकर कम से कम 400 रुपये प्रति क्विंटल करने की उम्मीद कर रहे थे। इसलिए उचित मूल्य को लेकर हमारा विरोध जारी रहेगा।’ देश में सबसे ज्यादा गन्ने का उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है और ज्यादा निजी चीनी मिलें इसी राज्य में हैं।

राज्य में कुल 120 चीनी मिलों में से 93 निजी क्षेत्र की हैं और 24 सहकारी चीनी मिलें और 3 उत्तर प्रदेश चीनी निगम की मिलें हैं।

राज्य के करीब 50 लाख किसान परिवार गन्ने की खेती से सीधे तौर पर जुड़े हैं। गन्ना तथा इससे संबंधित उत्पादों का राज्य में सालाना 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होता है।

Advertisement
First Published - January 18, 2024 | 11:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement