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विदेशी फंडों की निकासी और व्यापारिक अनिश्चितता से रुपये में भारी गिरावट, डॉलर के मुकाबले 87.70 पर पहुंचा

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कारोबारी सत्र के अंत में रुपया 87.70 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 52 पैसे की बड़ी गिरावट दर्शाता है।

Last Updated- August 04, 2025 | 9:43 PM IST
rupees Dollar
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

विदेशी फंडों की लगातार निकासी और व्यापार शुल्क से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों की कारोबारी धारणा प्रभावित होने के चलते सोमवार को अंतरबैंक विदेशीमुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 52 पैसे लुढ़ककर 87.70 (अस्थायी) पर आ गया। विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की तरफ से लगाए गए उच्च सीमा शुल्कों ने वैश्विक व्यापार परिदृश्य में व्यापक व्यवधान को लेकर नई चिंता पैदा कर दी हैं। 

तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की तरफ से डॉलर की मांग आने से कारोबार के दौरान रुपये में गिरावट आई। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 87.21 पर खुला। बाद में रुपया 87.70 के निचले स्तर तक गया। कारोबारी सत्र के अंत में रुपया 87.70 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 52 पैसे की बड़ी गिरावट दर्शाता है। शुक्रवार को रुपया 47 पैसे बढ़कर 87.18 पर बंद हुआ था। 

मिरे ऐसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक (जिंस एवं मुद्रा) अनुज चौधरी ने कहा, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की पूंजी निकासी के बीच हमारा अनुमान है कि रुपया कमजोर रहेगा। हालांकि, अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को लेकर चर्चा के बीच अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से रुपये को निचले स्तरों पर समर्थन मिल सकता है। 

उन्होंने कहा, ट्रेडर अमेरिका से आने वाले कारखाना ऑर्डर के आंकड़ों से संकेत ले सकते हैं। इसी सप्ताह रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के फैसले से पहले निवेशक सतर्क रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि डॉलर-रुपये का हाजिर भाव 87.40 से 88 के बीच रहने की उम्मीद है। 

रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली ब्याज दर निर्धारण समिति ने सोमवार को अगली द्विमासिक मौद्रिक नीति पर निर्णय लेने के लिए तीन दिवसीय विचार-विमर्श शुरू किया। छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति बुधवार को अगली द्विमासिक नीति दर की घोषणा करेगी।  

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First Published - August 4, 2025 | 9:43 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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