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हाल-ए-कमोडिटी बाजार

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Last Updated- December 06, 2022 | 10:45 PM IST

मिर्च होगी अभी और तीखी


एशिया की सबसे बड़ी मिर्च मंडी गुंटूर में पिछले दिनों लगी आग से मिर्च की कीमतों में और इजाफे की बात पर मुहर लगा दी है।


पिछले हफते मिर्च के वायदा कारोबार में तेजी आई। दरअसल विदेशों से बढ़ी हुई मांग ने मिर्च के भाव बढ़ाने में भूमिका अदा की है। जून में मिर्च के वायदा कारोबार में और तेजी आने का अनुमान लगाया जा रहा है। एग्रीवाच की विश्लेषक सुधा आचार्य कहती हैं कि मिर्च तकनीकी और बुनियादी तौर पर मजबूत है।


गौरतलब है कि गुंटूर में लगी आग में मिर्च की दो लाख बोरियों (प्रत्येक 35 किलो)के नष्ट होने अनुमान है। दूसरी ओर कारोबारियों का कहना है कि इस साल अनुमान से कहीं कम उत्पादन हुआ है। इस साल तकरीबन 2.7-2.9 करोड़ बोरी मिर्च के उत्पादन का अनुमान लगाया गया था जो बाद में 2.5 करोड़ बोरी तक ही सिमट गया।


नैशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) में जून में मिर्च के वायदा कारोबार में 4.39 फीसदी का इजाफा हुआ और पिछले हफ्ते के 4,918 रुपये प्रति क्विंटल की तुलना में इस शनिवार को मिर्च के वायदा कारोबार का भाव 5,134 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। जिंस कारोबार के विशेषज्ञों का कहना है अगले हफ्ते तक मिर्च का भाव 5,340 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच सकता है।


जीरा हुआ मजबूत


कम आवक और देशी और विदेशी बाजारों से तेज मांग के चलते जीरे की कीमतों में तेजी का रुख जारी है। पिछले हफ्ते आवक गिरकर  11,000 से 12,000 बोरी (प्रत्येक 55 किलोग्राम) प्रतिदिन तक हो गई है। इसकी तुलना में पिछले हफ्ते 18,000  से 20,000 बोरी प्रतिदिन की आवक हो रही थी।


जीरे की सबसे बड़ी मंडी ऊंझा में जहां आवक केवल 11,000 बोरी की है लेकिन यहां 15,000 बोरी के सौदे का रोजाना निपटारा हो रहा है। बाजार पर नजर रखने वालों का कहना है कि दिल्ली थोक बाजार समेत सभी जगहों से मांग में तेजी है। एनसीडीईएक्स में मई में जीरे के वायदा कारोबार में 3.65 फीसदी का उछाल आया ।


पिछले हफ्ते के 10,699 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर शनिवार को 11,090 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गईं। जिंस बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि जीरा 11,465 रुपये प्रति क्विंटल पर जाकर स्थिर हो सकता है और 10,474 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन स्तर तक पहुंच सकता है।

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First Published - May 12, 2008 | 12:41 AM IST

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