facebookmetapixel
Advertisement
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर RSS ने दिया पहला बयान, कहा: घटना दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों को मिले कड़ी सजाEditorial: दिल्ली की नई EV नीति सही दिशा में, लेकिन अभी भी कई बड़े सुधार की जरूरतभारत को अपना AI मॉडल बनाने का जरूरत नहीं, मजबूत AI इकोसिस्टम पर दांव लगाना सही कदमहिमाचल में 2027 की चुनावी बिसात: खस्ताहाल खजाना और गुटबाजी के बीच सुक्खू सरकार की बढ़ी बेचैनीविदेशी निवेशकों से रुपये में लिया जाएगा रेगुलेटरी शुल्क, FPI और FVCI के लिए SEBI बदलने जा रहा है नियमकॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में आई जबरदस्त रौनक, भारतीय कंपनियों ने एक ही दिन में जुटाए ₹15,960 करोड़Nifty IT इंडेक्स 30% टूटा, फिर भी पैसिव फंड्स का एयूएम 23% बढ़कर ₹5,800 करोड़ के पार‘विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू म्युचुअल फंड बने शेयर बाजार की ढाल’, SEBI का बड़ा दावाअल नीनो और महंगे ईंधन की दोहरी मार: होटलों की कमाई पर मंडराया संकट, पानी की कमी ने बढ़ाई मुश्किलेंईरान युद्ध के बीच IPO बाजार में म्युचुअल फंडों का जलवा, कई सालों के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची हिस्सेदारी

मध्य प्रदेश और राजस्थान में गेहूं की तेजी से खरीद शुरू

Advertisement

देश में 2024-25 (अप्रैल से मार्च) में 312.7 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य था और 266 लाख टन गेहूं खरीदा गया।

Last Updated- March 26, 2025 | 10:02 PM IST
wheat

विपणन वर्ष 2025-26 में गेहूं खरीद की अच्छी शुरुआत हुई है। आने वाले महीनों में भी गति बने रहने के हिसाब से पूरे सीजन के लिए यह बेहतर संकेत है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है, जबकि पंजाब और हरियाणा में अप्रैल से इसकी शुरुआत होगी।
आंकड़ों से पता चलता है कि अब तक मध्य प्रदेश में 1,45,512 टन गेहूं खरीदा गया है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 14,233 टन ज्यादा है। मध्य प्रदेश ने केंद्र सरकार द्वारा 2025-26 के लिए तय एमएसपी 2,425 रुपये प्रति क्विंटल पर 125 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है। वहीं राजस्थान ने भी गेहूं के एमएसपी के ऊपर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है। मध्य प्रदेश ने 2025-26 सीजन में करीब 80 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है।

देश में 2024-25 (अप्रैल से मार्च) में 312.7 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य था और 266 लाख टन गेहूं खरीदा गया। ट्रेडर्स ने कहा कि आगामी सीजन में खरीद, पिछली खरीद से बेहतर रह सकती है क्योंकि देश के कई इलाकों में फसल अच्छी है। सरकार ने 2025-26 में रिकॉर्ड 1,150 लाख टन गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया है, जो इस साल के 1,132.9 लाख टन की तुलना में ज्यादा है। हाल के एक अध्ययन से पता चलता है कि सिर्फ 15 प्रतिशत धान और 9.6 प्रतिशत गेहूं किसानों को एमएसपी व्यवस्था का लाभ मिलता है।

 

Advertisement
First Published - March 26, 2025 | 9:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement