facebookmetapixel
निवेशकों पर चढ़ा SIP का खुमार, म्युचुअल फंड निवेश 2025 में रिकॉर्ड ₹3.34 लाख करोड़ पर पहुंचाICICI Pru Life Insurance Q3FY26 Results: मुनाफा 20% बढ़कर ₹390 करोड़, नेट प्रीमियम इनकम घटादिसंबर में रूस से तेल खरीदने में भारत तीसरे स्थान पर खिसका, रिलायंस ने की भारी कटौतीNPS में तय पेंशन की तैयारी: PFRDA ने बनाई हाई-लेवल कमेटी, रिटायरमेंट इनकम होगी सुरक्षितहर 5वां रुपया SIP से! म्युचुअल फंड्स के AUM में रिटेल निवेशकों का दबदबा, 9.79 करोड़ हुए अकाउंटBudget 2026 से पहले अच्छा मूवमेंट दिखा सकते हैं ये डिफेंस स्टॉक्स, एनालिस्ट ने कहा- BEL, HAL समेत इन शेयरों पर रखें नजरBSE ने लॉन्च किए 4 नए मिडकैप फैक्टर इंडेक्स, निवेशकों को मिलेंगे नए मौकेगिग वर्कर्स की जीत! 10 मिनट डिलीवरी मॉडल खत्म करने पर सहमत कंपनियां10 साल में कैसे SIP आपको बना सकती है करोड़पति? कैलकुलेशन से आसानी से समझेंबीमा सेक्टर में तेजी, HDFC लाइफ और SBI लाइफ बने नुवामा के टॉप पिक, जानिए टारगेट

दीवाली तक होंगी दालें और महंगी

Last Updated- December 07, 2022 | 8:49 PM IST

इस सीजन में दलहन के रकबे में कमी होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में दलहन की कीमतों में लगातार हो रही मजबूती से उम्मीद की जा रही है कि दीपावली तक तुअर और उड़द दाल की कीमतों में खासी बढ़ोतरी हो जाएगी।


जानकारों के मुताबिक, अगले कुछ महीनों में अरहर और उड़द जैसी दालों की कीमत में लगभग 10 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान है। गौरतलब है कि इस साल अब तक अरहर की कीमतें 53 और उड़द की 48 फीसदी बढ़ चुकी हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इस बार उड़द की 21 फीसदी और तुअर की 15 फीसदी कम बुआई हुई है।

कहीं कम तो कहीं ज्यादा बारिश से इस बार दलहन की फसल कमजोर होने की बात कही जा रही है। पिछले साल अगस्त में तुअर दाल की औसत कीमत 2,570 रुपये प्रति क्विंटल थी जबकि उड़द 2479 रुपये में मिल रहा था। फिलहाल तुअर 3150 रुपये और उड़द 3030 रुपये प्रति क्विंटल में बिक रहा है।

बाजार में दलहन की कीमतों में हुई वृद्धि को देखते हुए सरकार ने भी दलहन की एमएसपी में इजाफा कर दिया है। वर्ष 2007-08 में तुअर दाल की एमएसपी जहां 1,550 रुपये प्रति क्विंटल थी वहीं 2008-09 में इसमें 29 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई।इसी प्रकार उड़द की एमएसपी भी 48 फीसदी बढ़ाकर 1,700 रुपये प्रति क्विंटल की बजाए 2500 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।

जानकार बताते हैं कि किसानों की दलहन फसल में दिलचस्पी बढ़ाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। पल्सेज इंपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के. सी. भरतिया कहते हैं कि पिछले 15 सालों से दलहन की कीमतों में कोई खास वृद्धि न होने से इसके उत्पादन पर नकारात्मक असर पड़ा है। इसलिए दलहन की एमएसपी में की गई बढ़ोतरी बहुत जायज है।

इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में दलहन की कीमतें बढ़ रही हैं जिससे भारतीय बाजार अछूते नहीं रह सकते। बाजार में मौजूद स्टॉक और परिस्थितियों को आधार माना जाए तो आने वाले दो-तीन महीनों के अंदर दलहन की कीमतों में 5 से 10 फीसदी की बढ़ोतरी हो जाएगी।

गौरतलब है कि दलहन की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने इसके वायदा कारोबार पर जनवरी 2007 से रोक लगा रखी है। रोक लगाये जाने के समय उड़द की कीमत 2,687 रुपये थी।

First Published - September 13, 2008 | 12:22 AM IST

संबंधित पोस्ट