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मुफ्त दाल वितरण में कई राज्य सुस्त

Last Updated- December 15, 2022 | 8:10 PM IST

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत मुफ्त दाल लेनेे की योजना में अप्रैल के कोटे का वितरण करने में बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल पीछे छूट गए हैं, जबकि इस योजना को लागू होने के बाद दो महीने और पूरे हो चुके हैं।
कुल मिलाकर अधिकारियों के मुताबिक राज्यों ने केंद्र से मिली दाल में से आधे से भी कम बांटा है। बिहार को अप्रैल, मई और जून महीने में हर महीने करीब 17,000 टन दाल का वितरण करना था। कुछ दिन पहले तक राज्य ने सिर्फ 6,000 टन दाल का वितरण किया है, जो अप्रैल महीने के कोटे के 36 प्रतिशत से भी कम है।
महाराष्ट्र को अप्रैल, मई और जून में हर महीने करीब 17,000 टन दाल मुफ्त मं बांटना था, लेकिन मई तक राज्य ने महज 6,700 टन दाल का वितरण किया है। राज्यों में बुरा प्रदर्शन करने वालों में पश्चिम बंगाल शामिल है। उसे तीन महीने तक हर महीने 14,500 टन दाल बांटना था, लेकिन सरकार के रिकॉर्ड के मुताबिक मई के अंत तक उनसे वितरण शुरू नहीं किया है। सूत्रों ने कहा कि राज्य को करीब 17,000 टन दाल केंद्र सरकार से मिल चुकी है, लेकिन इसका वितरण अभी शुरू नहीं हुआ है।
गरीब कल्याण पैकेज के तहत केंद्र ने करीब 19.2 करोड़ परिवारों को अप्रैल, मई और जून के दौरान हर महीने एक किलो दाल मुफ्त देने का फैसला किया था। अप्रैल से जून तक राज्यों ने करीब 1.9 लाख टन दाल का वितरण हर महीने किया है, लेकिन कुछ राज्य अभी अप्रैल का कोटा भी नहीं बांट पाए हैं, जबकि दो महीने अवधि समाप्त हो गई।
कुछ दिन पहले तक गरीब कल्याण योजना के तहत अप्रैल, मई और जून महीने के लिए 5.8 लाख टन मुफ्त दाल का आवंटन हुआ है और राज्यों को करीब 4.5 लाख टन दलहन मिला है, लेकिन राज्यों ने महज 2 लाख टन दाल लोगों तक पहुंचाई है। 
अब तक करीब 18 करोड़ परिवारों को मुफ्त दाल का कोटा मिल सका है, जबकि हर महीने 19.2 करोड़ परिवारों को दाल दी जानी थी।
सूत्रों ने कहा कि मध्य प्रदेश में अप्रैल महीने का कोटा 12,000 टन का था, जबकि मई के अंत तक करीब 4,000 टन का वितरण हुआ है। राज्य में एक महीने के कोटे की दाल भी नहीं बांटी जा सकी है।
वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने न सिर्फ अप्रैल का 35,000 टन का पूरा मुफ्त दाल का कोटा बांट दिया है, बल्कि वे मई और जून का कोटा एक बार में दिए जाने की तैयारी कर रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश ने हमसे चने की मांग की, यह एक वजह है कि वह समय पर बड़ी मात्रा में वितरण में सफल रहा।’ असम का हर महीने का 6,000 टन का कोटा है, जबकि उसने मई के अंत तक 7,000 टन वितरित किया है। आंध्र प्रदेश को हर महीने 9,000 टन दाल बांटनी थी, उसने एक बार में दो महीने का कोटा बांट दिया है। अंडमान निकोबार जैसे केंद्र शासित राज्य ने 3 महीने का पूरा कोटा वितरित कर दिया है।

First Published - June 5, 2020 | 12:08 AM IST

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