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कोच्चि होगा मसाला व्यापार का विश्व केंद्र

Last Updated- December 08, 2022 | 7:42 AM IST

मसाला व्यापार संघों के अंतरराष्ट्रीय संगठन के सचिवालय (आईओएसटीए) ने निर्णय लिया है कि उसका कार्यालय अब भारत में होगा।


संगठन के सचिवालय के मुताबिक, अगले साल की शुरुआत से आईओएसटीए का सचिवालय कोच्चि से ही काम करेगा। भारतीय मसाला बोर्ड के अध्यक्ष और संगठन के सक्रिय सदस्य वी जे कुरियन ने यह जानकारी बिजनेस स्टैंडर्ड को दी है। 


कुरियन के मुताबिक, ” हाल ही में वियतनाम में हुई आईओएसटीए की बैठक में यह निर्णय लिया गया। जनवरी 2009 से आईओएसटीए का सचिवालय भारतीय मसाला बोर्ड के कार्यालय में काम करना शुरू कर देगा।” उल्लेखनीय है कि अब तक आईओएसटीए का केंद्रीय कार्यालय अमेरिकी मसाला व्यापार संगठन (एएसटीए) द्वारा चलाया जा रहा था।

अमेरिका स्थित एएसटीए मसाले के कारोबार में सक्रिय सबसे पुराने संगठनों में से एक है। यह पहली बार है जब भारत मसाला कारोबार में गुणवत्ता के कई मानकों को स्थापित करने वाले इस संगठन के सचिवालय को नियंत्रित करेगा।

कुरियन ने बताया कि इस बैठक में यूरोपीय मसाला संघ (ईएसए), अखिल भारतीय मसाला निर्यात मंच (एआईएसईएफ), वियतनाम काली मिर्च संघ (वीपीए) सहित ब्राजील, इंडोनेशिया, मलयेशिया और श्रीलंका जैसे प्रमुख मसाला उत्पादक देशों ने भाग लिया।

इस बैठक में सभी बोर्डों को मसालों में पाए जाने वाले कीटनाशकों की जांच करने मानकों को कड़ा बनाने को कहा गया है। मालूम हो कि दुनिया भर में अधिकतम अवशेष सीमा (एमआरएल) के मानक लागू हैं। यूरोपीय मसाला संघ ने पहले से ही कीटनाशकों के अवशेष और गुणवत्ता संबंधी मानकों को तैयार कर रखा है,

लेकिन दूसरे सदस्यों विशेषकर मसाला उत्पादक देशों की ओर से ऐसे किसी मानक का पुरजोर विरोध हो रहा है। इन देशों का तर्क है कि ऐसे मानकों का पालन असंभव सा है।

इसे देखते हुए सभी मसाला बोर्डों से कहा गया है कि वे विभिन्न मुद्दों का अध्ययन करें और सब पर लागू होने वाले परीक्षण मानकों को लागू करें। 


जून 2007 में म्यूनिख में हुई बैठक में आईओएसटीए ने एक बड़ी कामयाबी तब पाई थी, तब दुनिया भर की तमाम मसाला संघों को एकसाथ ले आया गया था।

इसका उद्देश्य एक समान मुद्दों को सुलझाना और मसाला उद्योग की गंभीर समस्याओं का समाधान ढूंढना था।

इस संगठन ने तब एक मिशन वक्तव्य जारी किया था, जिसमें मसालों के कारोबार से जुड़े गुणवत्ता के तमाम मुद्दों का निदान ढूंढना था।

आईओएसटीए की योजना संयुक्त राष्ट्र संगठन की सहयोगी संस्था कोडेक्स इलेमेंट्रीज के साथ काम करने की भी है, ताकि विभिन्न मसालों में बचे कीटनाशकों की जांच के वैश्विक मानक तैयार हो सकें।

इस बैठक में एक कार्यकारी समूह की भी स्थापना की गई। इस समूह का लक्ष्य विभिन्न मसालों के लिए एमआरएल तय करना और अध्ययन करना है।

First Published - December 5, 2008 | 10:40 PM IST

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