facebookmetapixel
अश्लील AI कंटेंट पर सरकार सख्त: Grok की व्यापक समीक्षा करें X, 72 घंटे में रिपोर्ट पेश करने का आदेशमहिंद्रा समूह के CEO अनिश शाह का जरूरी संदेश: बड़ा सोचो, कम करो लेकिन उसे अच्छे से क्रियान्वित करोAdani Total ने घटाई CNG और PNG की कीमतें, आम उपभोक्ताओं को मिलेगी सीधी राहतछोटे निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने ₹7,295 करोड़ का निर्यात सहायता पैकेज और ऋण गारंटी योजना का किया ऐलानदेवयानी-सफायर के विलय को मिली मंजूरी, भारत में केएफसी-पिज्जा हट के नेटवर्क को करेगा मजबूतसुप्रिया लाइफ साइंसेज ने अंबरनाथ में नई इकाई से विनियमित वैश्विक बाजारों में दांव बढ़ायाECMS के तहत 22 और प्रस्ताव मंजूर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में ₹41,863 करोड़ का निवेश!2026 में भारतीय विमानन कंपनियां बेड़े में 55 नए विमान शामिल करेंगी, बेड़ा बढ़कर 900 के करीब पहुंचेगाIndia manufacturing PMI: नए ऑर्डर घटे, भारत का विनिर्माण दो साल के निचले स्तर पर फिसलाभारत में ऑटो पार्ट्स उद्योग ने बढ़ाया कदम, EV और प्रीमियम वाहनों के लिए क्षमता विस्तार तेज

भरपूर अनाज, खरीफ का अच्छा आगाज

Last Updated- December 07, 2022 | 10:41 AM IST

खाद्यान्न के चौथे अग्रिम अनुमानों के अनुसार वर्ष 2007-08 में देश में गेहूं, चावल, दालों एवं तिलहन का रेकॉर्ड उत्पादन हुआ है।


मक्के और कपास का उत्पादन भी रेकॉर्ड स्तर पर हो चुका है। इस वर्ष खाद्यान्नों का कुल उत्पादन रेकॉर्ड 2306.7 लाख टन रहा जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.16 प्रतिशत अधिक है।

कृषि सचिव पी के मिश्रा ने कहा, ‘विभिन्न फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अधिक होने और नेशनल फूड सिक्योरिई मिशन के तहत किए गए सरकारी प्रयासों से किसानों को अपने उत्पादन क्षेत्र का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित किया है।’ एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि नवीनतम आकलन राज्यों से प्राप्त प्रतिपुष्टि पर आधारित हैं जिनका मूल्यांकन अन्य सूत्रों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर किया गया है।

कृषि उत्पादन में हुई 6.16 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद कृषि सकल घरेलू उत्पाद की तदनुरुप समीक्षा की जा सकती है, वर्ष 2007-08 के लिए यह 4.5 प्रतिशत आंका गया था। चल रही खरीफ की बुवाई के सीजन के दौरान विभिन्न फसलों के एमएसपी के बारे में मिश्रा ने कहा कि यह मुद्दा प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार समिति (ईएसी) के विचाराधीन है। उन्होंने कहा, ‘ईएसी ज्लद ही अपने सुझाव देने वाली है, जिसके आधार पर सकार न्यूनतम समर्थन मूल्यों की घोषणा करेगी।’ 12 जून को कैबिनेट ने सामान्य किस्म के धान के लिए 850 रुपये प्रति क्विंटल के अस्थाई एमएसपी की घोषणा की थी।

हालांकि यह कमीशन फॉर एग्रीकल्चरल कॉस्ट्स ऐंड प्राइस के 1,000 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य से मेल नहीं खाता है। अनुमान है कि ईएसी जल्दी ही धान के अंतिम एमएसपी के संबंध में निर्णय लेगी। मॉनसून के जल्दी आ जाने से खरीफ सीजन में विभिन्न फसलों के अच्छे उत्पादन की संभावना है। मिश्रा ने कहा, ‘पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल बुवाई अच्छी हुई है। अच्छे उत्पादन की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र के कुछ जिलों में बारिश कम हुई है लेकिन मॉनसून बढ़ने के साथ-साथ इन जिलों में भी पर्याप्त बारिश होनी चाहिए।’

First Published - July 10, 2008 | 11:40 PM IST

संबंधित पोस्ट