facebookmetapixel
Provident Fund से निकासी अब और आसान! जानें कब आप अपना पूरा पैसा निकाल सकते हैं?Budget 2026: 1 फरवरी, रविवार को भी खुले रहेंगे शेयर बाजार, BSE और NSE का बड़ा ऐलानExplainer: ₹14 लाख की CTC वाला व्यक्ति न्यू टैक्स रिजीम में एक भी रुपया टैक्स देने से कैसे बच सकता है?SEBI का नया प्रस्ताव: बड़े विदेशी निवेशक अब केवल नेट वैल्यू से कर सकेंगे ट्रेड सेटलMarket This Week: तिमाही नतीजों से मिला सहारा, लेकिन यूएस ट्रेड डील चिंता से दबाव; सेंसेक्स-निफ्टी रहे सपाटIRFC 2.0: रेलवे से बाहर भी कर्ज देने की तैयारी, मेट्रो और रैपिड रेल में 1 लाख करोड़ का अवसरWipro Q3FY26 results: मुनाफा 7% घटकर ₹3,119 करोड़ पर आया, ₹6 के डिविडेंड का किया ऐलानBudget 2026 से क्रिप्टो इंडस्ट्री की बड़ी उम्मीदें! क्या इसको लेकर बदलेंगे रेगुलेशन और मिलेगी टैक्स में राहत?Value Funds: 2025 में रेंज-बाउंड बाजार में भी मजबूत प्रदर्शन, 2026 में बनेंगे रिटर्न किंग?Tiger Global tax case: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारत की टैक्स ट्रीटी नीति में क्या बदला?

बेस मेटल की कीमतों पर सबकी राय अलग-अलग

Last Updated- December 08, 2022 | 4:00 AM IST

विश्व के विभिन्न कोने से आती अलग-अलग रिपोर्ट को देखते हुए अगले सप्ताह मूलभूत घातुओं (बेस मेटल) के परिदृश्य को लेकर कारोबारियों के विचार भिन्न-भिन्न हैं।


मूलभूत धातुओं के मामले में विश्व के सबसे बड़े उत्पादक और उपभोक्ता देश चीन के बारे में कुछ भी सही सही अनुमान नहीं लगाया जा सकता है। इस कारण मूलभूत धातुओं को लेकर उलझनें और बढ़ गई हैं। वैश्विक उत्पादन और खपत के आंकड़ों का आकलन करने के मामले में चीन का बाजार महत्वपूर्ण है।

अक्टूबर में चीन का तांबा उत्पादन 7 प्रतिशत घट कर 2,93,000 टन रह गया। दूसरी तरफ, पिछले सप्ताह तीन भंडारगृहों के भंडार भी 3,141 टन कम होकर 21,496 टन रह गए।

विश्लेषकों का मानना है कि चीन धीरे-धीरे घरेलू उत्पादन धातुओं का इस्तेमाल बढ़ा रहा है, इससे धातुओं की वैश्विक कीमतें और घट सकती हैं।

विश्लेषकों ने कहा कि कीमतें घटने पर चीन वैश्विक बाजार से सस्ती धातुएं खरीद कर अपना भंडार बढ़ाएगा। हालांकि, कुछ अन्य विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक बाजार में मांग कम होने की वजह से कीमतों के कम रहने की संभावना है।

उनका मत है कि वर्तमान परियोजनाएं विलंबित हो रही हैं और नई परियोजनाओं को कम से कम वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के सुधरने तक के लिए टाल दिया गया है।

वैश्विक बाजार में मूलभूत धातुओं की कीमतों में आई भारी कमी के कारण चीन के स्मेल्टर्स को अपनी क्षमता घटाने के लिए बाध्य होना पड़ा है। इसके परिणामस्वरूप अक्टूबर में तांबा का उत्पादन 7 प्रतिशत घट कर 2,93,000 टन रह गया।

शांघाई में अन्य मूलभूत धातुओं के भंडार में भी नाटकीय रूप से कमी आई है। यह इस बात का संकेत है कि चीन अपनी औद्योगिक परियोजनाओं को आक्रामक तौर पर आगे बढ़ा रहा है। एल्युमिनियम और जस्ते के भंडार में भी महत्वपूर्ण रूप से कमी आई है।

आर्थिक विकास के अनुमान से कम होने और महंगाई बढ़ने के कारण चिलीयन सेंट्रल बैंक ने अगले वर्ष के लिए तांबा की भविष्यवाणी में कटौती की है। बैंक ने कहा कि अगले वर्ष तांबा की औसत कीमत 1.65 डॉलर प्रति पाउंड रह सकता है जबकि पहले इसका आंकलन था कि अगले साल कीमतें 3.10 डॉलर प्रति पाउंड रहेंगी।

मैक्वेरी ने भी साल 2009 के लिए तांबा की कीमतों की भविष्यवाणी में कटौती की है। इसके अनुसार अगले साल तांबा की कीमतें 1.70 डॉलर प्रति पाउंड रहेंगी जो 3 डॉलर प्रति पाउंड की पिछली भविष्यवाणी से कम है। इस वैश्विक कंपनी ने एल्युमिनियम की भविष्यवाणी भी घटा कर 90 सेंट प्रति पाउंड कर दी है जो 1.30 डॉलर प्रति पाउंड की पिछली भविष्यवाणी की तुलना में 31 प्रतिशत कम है।

First Published - November 17, 2008 | 11:30 PM IST

संबंधित पोस्ट