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काली मिर्च के उत्पादन में गिरावट का अनुमान

Last Updated- December 07, 2022 | 5:03 PM IST

काली मिर्च के विभिन्न उत्पादक देशों की फसलों और भंडारों के नवीनतम आकलन के अनुसार इस साल काली मिर्च के वैश्विक बाजार में आपूर्ति की कमी हो सकती है।


हालांकि, केरल के वयनाड और इडुक्की के काली मिर्च की खेती करने वाले किसानों के अनुसार दिसंबर से शुरू होने वाले अगले सीजन के दौरान उत्पादन में 40 प्रतिशत की कमी हो सकती है। इस प्रकार कम उत्पादन और घरेलू मांग बेहतर होने से भारत की बाजार परिस्थितियां वैश्विक धारणा की तुलना में भिन्न हैं।

कीमत अधिक होने से (3,525 रुपये प्रति टन) भारत वैश्विक बाजार में अब अग्रणी विक्रेता नहीं रह गया है। भारत में काली मिर्च का भंडार अधिक नहीं है और निर्यात करने योग्य भंडार का लगभग 100 प्रतिशत कमोडिटी एक्सचेंजों के पास है। किसानों के पास भी इसका भंडार नहीं है क्योंकि पिछले साल की फसल का महत्वपूर्ण हिस्सा पहले ही बेचा जा चुका है।

यद्यपि, ब्राजील और इंडोनेशिया की फसल आने के बाद वैश्विक कीमतों में गिरावट हो सकती है लेकिन घरेलू बाजार में शीतकालीन मांग बढ़ने से भारतीय मूल्यों में परिवर्तन की उम्मीद कम है। कोच्चि स्थित एक निर्यातक ने बताया कि शीतकालीन मांग की पूर्ति के लिए भी भारत का भंडार कम है।

वियतनाम के रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल से जुलाई की अवधि के दौरान 58,000 टन का निर्यात करने के बाद इस देश के पास अभी भी 50,000 टन काली मिर्च का भंडार है। वर्तमान सीजन में ब्राजील में कुल 35,000 टन काली मिर्च के उत्पादन का अनुमान है।

लेकिन काली मिर्च के बाजार पर इंडोनेशिया के उत्पादन का सबसे अधिक प्रभाव पड़ सकता है। विभिन्न सूत्रों के अनुसार, इंडोनेशिया में 15,000 से 20,000 टन काली मिर्च का उत्पादन हो सकता है।

First Published - August 15, 2008 | 4:09 AM IST

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