facebookmetapixel
जिस तरह अमेरिका ने वेनेजुएला से मादुरो को उठा लिया, क्या उसी तरह चीन ताइवान के साथ कर सकता है?कहीं आपकी जेब में तो नहीं नकली नोट? RBI ने बताया पहचानने का आसान तरीकाकई बड़े शहरों में नहीं बिक रहे घर! मेट्रो सिटी में अनसोल्ड घरों का लगा अंबार, 2025 में आंकड़ा 5.7 लाख के पारMCap: शेयर बाजार की तेजी में टॉप 7 कंपनियों का मुनाफा, ₹1.23 लाख करोड़ बढ़ा मार्केट कैपसाल की शुरुआत में FPIs ने निकाले 7,608 करोड़, विदेशी निवेशक रहे सतर्कMarket Outlook: इस हफ्ते बाजार में रुझान तय करेंगे मैक्रो डेटा और FII ट्रेडिंगUS Venezuela Attack: कौन हैं Nicolás Maduro? जिनके पकड़े जाने का दावा अमेरिका ने कियाWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड और घने कोहरे का कहर, IMD ने जारी की चेतावनीUP: लखनऊ में बनेगी AI सिटी, उत्तर प्रदेश को मिलेगा ग्लोबल टेक पहचानHealth Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस खरीदते समय अधिकतर लोग क्या गलती करते हैं?

सस्ते मकानों की बिक्री को दिया जाएगा प्रोत्साहन

Last Updated- December 12, 2022 | 8:56 AM IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आवास क्षेत्र के लिए घोषणाओं से कम लागत की आवास परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलने के आसार हैं। सीतारमण ने सस्ते मकानों के ऋणों पर चुकाए जाने वाले ब्याज पर 1.5 लाख रुपये के लाभ को 31 मार्च, 2022 यानी एक साल बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। पिछले साल भी इसे मार्च 2020 से मार्च 2021 तक बढ़ाया गया था।
सस्ती आवास परियोजनाओं को आयकर अधिनियम की धारा 80आईबीए के तहत कटौती मुहैया कराई जाती है। वित्त मंत्री ने सस्ती किराया आवास परियोजनाओं को अतिरिक्त कर छूट दीं। ये परियोजनाएं मुख्य रूप से प्रवासी कामगारों को किराये पर मकान मुहैया कराने पर केंद्रित होंगी।
हीरानंदानी कम्यूनिटीज के चेयरमैन निरंजन हीरानंदानी ने कहा, ‘कम लागत की आवास परियोजनाओं को बजट प्रस्तावों से प्रोत्साहन मिलता रहेगा। देश में करीब कुल आवास बिक्री में करीब 60 फीसदी हिस्सा इसी खंड का है।’ एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, ‘उम्मीद के मुताबिक ही सस्ते मकानों और किराया मकानों को तगड़ा प्रोत्साहन मिला है। सरकार ने ऋणों पर 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त कटौती की अवधि 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दी है। इससे वर्ष 2021 में भी कम दाम के आवासों की मांग तेज रहेगी। इसके अलावा कम लागत की आवास परियोजनाओं के लिए कर अवकाश को एक साल और बढ़ाने से इस खंड में नई आपूर्ति बढ़ेगी।’ एनारॉक रिसर्च के मुताबिक सस्ते मकानों का देश के शीर्ष सात शहरों की आपूर्ति में 35 फीसदी से अधिक हिस्सा है।
एसएनजी ऐंड पार्टनर्श में प्रबंध साझेदार नारायण गुप्ता ने कहा कि वित्त मंत्री ने रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (रीट्स) और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (इनविट) में लाभांश भुगतान को टीडीएस से छूट दी है, जो इस क्षेत्र में वैश्विक एवं घरेलू निवेशकों के रुझान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
गुप्ता ने कहा, ‘इससे देश के रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचा क्षेत्र को तगड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। इससे घर खरीदारों को कीमतों में उतार-चढ़ाव की परेशानी के बिना रियल एस्टेट कीमत बढ़ोतरी लाभ हासिल करने में मदद मिलेगी। इससे सड़क, रेलवे और विद्युुत पारेषण लाइन जैसे आय पैदा करने वाले बुनियादी ढांचे के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।’

First Published - February 1, 2021 | 11:53 PM IST

संबंधित पोस्ट