Stock Market Closing Bell: घरेलू शेयर बाजार शनिवार (1 फरवरी) को स्पेशल ट्रेडिंग सेशन में लगभग सपाट बंद हुए। बजट 2025 का बाजार (Budget 2025) का मिलाजुला असर पड़ा रहा और कई सेक्टर गिरावट तथा कुछ सेक्टर मजबूती में बंद हुए। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) आज पॉजिटिव नॉट के साथ 77,637 अंक […]
आगे पढ़े
New Rules From Feb 2025: फरवरी का महीना शुरू हो चुका है, और इसके साथ ही बजट की गूंज भी हर ओर सुनाई दे रही है। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का आम बजट पेश करेंगी, जिसमें मध्यम वर्ग से लेकर किसान और उद्योगों तक कई अहम घोषणाएं शामिल हो सकती […]
आगे पढ़े
Budget 2025 Live Updates: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने आज (1 फरवरी 2025) को यूनियन बजट (Union Budget) पेश किया। बजट में वित्त मंत्री ने कई बड़े एलान किए। इस साल के बजट में किसान, यूथ, महिलाओं का खास ध्यान रखा गया। कृषि सेक्टर के लिए वित्त मंत्री ने पीएम धन धान्य स्कीम […]
आगे पढ़े
संसद में शुक्रवार को पेश आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि कृषि की लगातार और स्थिर वृद्धि दर लगभग 5 प्रतिशत रहेगी, तथा अर्थव्यवस्था में समग्र जीवीए (सकल मूल्य वर्धन) में इसकी हिस्सेदारी 20 फीसदी रहेगी, जिससे प्रति श्रमिक उत्पादन और प्रति हेक्टेयर उत्पादन बढ़ने के बावजूद अतिरिक्त श्रम को अवशोषित किया जा सकेगा। […]
आगे पढ़े
आर्थिक समीक्षा में नियामकीय निकायों मसलन भारतीय रिजर्व बैंक, बाजार नियामक सेबी और बीमा नियामक आईआरडीएआई में नियामकीय प्रभाव आकलन (आरआईए) के लिए संस्था बनाने की बात कही है। उसने सुझाव दिया है कि इन स्वतंत्र वित्तीय नियामकों के नियमनों के आकलन के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी बनाई जा सकती है। इसका काम नियामकीय प्रक्रियाओं […]
आगे पढ़े
केंद्र सरकार सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) परियोजनाओं से संबंधित क्षमताओं में सुधार चाहती है। साथ ही उसने भारत के बुनियादी ढांचे के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के प्रति निजी क्षेत्र के उदासीन रवैये के बीच पीपीपी की स्वीकार्यता बढ़ाने की पैरवी की है। साल 2024-25 की आर्थिक समीक्षा में कहा गया है, ‘हमें बुनियादी ढांचे में […]
आगे पढ़े
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने आज कहा कि जब वैश्वीकरण से लाभ नहीं मिल रहा हो तो अर्थव्यवस्था की वृद्धि को गति देने के लिए भारत को घरेलू कारकों पर भरोसा करने की जरूरत है और इसके लिए विनियमों का बोझ कम करना होगा। आर्थिक समीक्षा 2024-25 पर संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते […]
आगे पढ़े
आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि संरक्षणवाद बढ़ने के कारण वैश्विक व्यापार की स्थिति बदलने के साथ ही अनिश्चितता बढ़ रही है। ऐसे में भारत को निर्यात प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए लागत घटाकर और सुविधा में सुधार करके व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने की जरूरत होगी। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘हाल के […]
आगे पढ़े
आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि तेजी से प्रगति कर रही आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) दुनिया भर में श्रम बाजारों के लिए अभूतपूर्व अवसरों के साथ-साथ गंभीर चुनौतियां भी पेश करती है। समीक्षा में कहा गया है कि भारत को एआई के प्रभावों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है और इसके लिए उम्दा […]
आगे पढ़े
आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि वर्ष 2016-17 से बढ़ रहे सामाजिक सेवा खर्च (एसएसई) में लगातार इजाफा होने से न सिर्फ स्वास्थ्य देखभाल के लिए मरीजों को अपनी जेब से कम खर्च करना पड़ रहा है बल्कि इससे स्कूलों में दाखिले भी बढ़े हैं। साथ ही स्कूल छोड़ने की दर में भी कमी […]
आगे पढ़े