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Economic Survey 2023: रुपये पर कायम रह सकता है दबाव

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Last Updated- January 31, 2023 | 4:26 PM IST
Rupee vs Dollar

संसद में मंगलवार को पेश आर्थिक समीक्षा 2022-23 में कहा गया है कि निर्यात में स्थिरता तथा चालू खाते का घाटा (कैड) और बढ़ने से रुपया और कमजोर हो सकता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, ऊंचे व्यापार घाटे की वजह से देश का चालू खाते का घाटा जुलाई-सितंबर तिमाही में बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 4.4 फीसदी हो गया। यह अप्रैल-जून तिमाही में GDP का 2.2 फीसदी था।

मंगलवार के शुरुआती कारोबार में विदेशी मुद्रा की निकासी और घरेलू शेयरों में सुस्ती के रुख के चलते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे गिरकर 81.64 प्रति डॉलर पर आ गया। भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका के केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को कड़ा करने से रुपये पर दबाव पड़ा है। रुपया 83 प्रति डॉलर के स्तर को भी पार कर चुका है।

यह भी पढ़ें: Economic Survey 2023 Highlights: FY24 में 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है भारतीय अर्थव्यवस्था

आर्थिक समीक्षा के अनुसार, जिंसों की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे आ गई हैं। हालांकि, ये अब भी रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले के स्तर से ऊंची हैं। इसमें कहा गया है कि उच्च जिंस कीमतों के बीच मजबूत घरेलू मांग भारत के कुल आयात बिल को बढ़ाएगी। इससे देश का चालू खाते का शेष प्रभावित होगा।

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First Published - January 31, 2023 | 3:30 PM IST

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