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डीलरशिप में इन्वेंट्री का स्तर लगातार ऊंचा, ओईएम को डिस्पैच करने पड़े कम

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पहली छमाही में यात्री वाहन (पीवी) निर्माताओं ने थोक बिक्री में सालाना आधार पर 0.5 फीसदी की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जबकि जबकि इसी अवधि में खुदरा बिक्री में 2.5% का इजाफा हुआ

Last Updated- July 27, 2025 | 10:47 PM IST
Two-wheeler makers see split export recovery in October-December quarter

कैलेंडर वर्ष की पहली छमाही में यात्री वाहन (पीवी) निर्माताओं ने थोक बिक्री में सालाना आधार पर 0.5 फीसदी की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जबकि जबकि इसी अवधि में खुदरा बिक्री में 2.5 फीसदी का इजाफा हुआ, जो डीलरशिप इन्वेंट्री में वृद्धि और उपभोक्ताओं के सतर्क भावना के बीच वाहन निर्माताओं द्वारा एक संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सायम) के अनुसार, डिस्पैच मामूली रूप से बढ़कर 21,64,785 वाहन हो गई, जो एक साल पहले 21,52,828 वाहन रही थी। इस बीच, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि में खुदरा बिक्री 2.5 फीसदी की मजबूत वृद्धि के साथ 20,69,796 वाहन तक पहुंच गई, जबकि पिछले साल यह 20,18,731 वाहन रही थी।

उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि ये आंकड़े उद्योग में व्यापक बदलाव का संकेत देते हैं, जहां कारखाना उत्पादन वास्तविक बाजार मांग के साथ और भी अधिक निकटता से जुड़ रही है, क्योंकि ओईएम मांग आधारित इन्वेंट्री रणनीति अपना रहे हैं। डीलरशिप नेटवर्क में स्टॉक के जमाव से बचने के लिए वाहन निर्माता अब कारखाना उत्पादन को वास्तविक खुदरा गतिविधि के साथ तेजी से जोड़ रहे हैं।

प्राइमस पार्टनर्स के सलाहकार अनुराग सिंह ने कहा, डीलरशिप में इन्वेंट्री का स्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है (50 दिन के निशान से भी ऊपर), जिसके कारण ओईएम को डिस्पैच कम करने पड़े हैं। उन्होंने कहा, यह एक विवेकपूर्ण और ज़रूरी कदम है क्योंकि इससे बाजार में अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलती है और रिटेल नेटवर्क में इन्वेंट्री का बोझ कम होता है।

सिंह ने कहा कि मॉडल, वेरिएंट और यहां तक कि रंग की पसंद के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में इन्वेंट्री का स्तर व्यापक रूप से भिन्न होता है। त्योहारों के मौसम से पहले डीलर आमतौर पर संवेदनशील मांग को पूरा करने के लिए इन्वेंट्री बनाते हैं, लेकिन फिलहाल फैक्टरी उत्पादन वास्तविक बिक्री रुझानों पर बारीकी से नजर रख रहा है।

वर्ष 2025 की पहली छमाही में खुदरा बिक्री में 2.5 फीसदी की वृद्धि की तुलना में थोक शिपमेंट में 0.5 फीसदी की वृद्धि के बावजूद डीलरशिप पर इन्वेंट्री का स्तर उच्च बना हुआ है। फाडा का कहना है कि स्टॉक में सार्थक सुधार तभी होगा जब ओईएम कंपनियां फैक्टरी शिपमेंट को खुदरा मात्रा से काफी कम कर देंगी, अन्यथा बाजार की मांग के अनुरूप होने में कई और तिमाहियां लग सकती हैं।

फाडा के अध्यक्ष सी एस विघ्नेश्वर ने कहा, जब तक कि खुदरा बिक्री से डिस्पैच लगातार कम नहीं होता, 50-55 दिन की मौजूदा यात्री वाहन इन्वेंट्री नहीं घटेगी। होंडा कार्स इंडिया के उपाध्यक्ष (बिक्री व विपणन) कुणाल बहल ने कहा, इस साल अनुकूल मॉनसून और ओणम से शुरू होने वाले त्योहारी सीजन को देखते हुए हमें मांग में बढ़ोतरी की उम्मीद है और हमने देश भर में अपने मॉडलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा, हम त्योहारों के उत्साह को बढ़ाने के लिए अपने विपणन अभियानों को बढ़ाएंगे और रोमांचक उत्पाद अपडेट पेश करेंगे।

इस बारे में जानकारी मांगे जाने पर मारुति सुजूकी, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा, ह्युंडै मोटर इंडिया, किया और टोयोटा ने कोई जवाब नहीं दिया। ओईएम में, मारुति सुजूकी ने जनवरी-जून 2025 के दौरान यात्री वाहन उत्पादन में 4.5 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। कंपनी ने पिछले वर्ष इसी अवधि में 10,25,862 वाहनों की तुलना में 10,72,805 वाहनों का उत्पादन किया। मार्च में वृद्धि दर सबसे अधिक करीब 17 फीसदी और अप्रैल में 6.2 फीसदी रही जबकि जून में उत्पादन में सालाना आधार पर 4.2 फीसदी की गिरावट देखी गई। मारुति देश की प्रमुख यात्री वाहन निर्यातकों में से एक है।

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First Published - July 27, 2025 | 10:47 PM IST

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