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वित्त वर्ष 2023-24 में देश का वाहन कलपुर्जा निर्यात 21.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2018-19 में 2.5 अरब डॉलर के घाटे में था।

Last Updated- March 04, 2025 | 8:59 PM IST
Hyundai Motors Stock
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत के वाहन कलपुर्जा उद्योग को अगले सात-आठ साल में 100 अरब डॉलर याने 8 लाख 72 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निर्यात की उम्मीद है। एक अध्ययन रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में देश का वाहन कलपुर्जा निर्यात 21.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2018-19 में 2.5 अरब डॉलर के घाटे में था।

वाहन कलपुर्जा कंपनियों के संगठन एक्मा के सहयोग से तैयार इस रिपोर्ट में निर्यात के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक व्यापक, बहुआयामी रणनीति पेश की गई है।

भारतीय वाहन कलपुर्जा विनिर्माता संघ (एक्मा) की अध्यक्ष श्रद्धा सूरी मारवाह ने कहा, ‘‘हमने न केवल सकारात्मक व्यापार संतुलन हासिल किया है, बल्कि व्यापार अधिशेष लगभग 50-150 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया है। हम इस वृद्धि चक्र को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और अगले सात-आठ वर्षों में निर्यात में 100 अरब डॉलर का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।’’

एक्मा के महानिदेशक विन्नी मेहता ने कहा कि इस अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रमुख भारतीय कंपनियों को अपना निर्यात पांच से 10 गुना बढ़ाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में गहरी पैठ हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए।

(एजेंसी इनपुट के साथ) 

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First Published - March 4, 2025 | 8:52 PM IST

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