facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

लेखक : धर्मकीर्ति जोशी

आज का अखबार, लेख

सेवा निर्यात का दायरा बढ़ाने से घटेगा कुछ खंडों पर अत्यधिक निर्भरता का खतरा

वैश्विक सेवाओं का निर्यात वर्ष 2014 से औसतन 6.1 फीसदी की सालाना दर से बढ़कर 2024 में 8.6 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। इसी अवधि में वैश्विक वस्तुओं का निर्यात 2.9 फीसदी की दर से बढ़कर 24.5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। इस तेजी की वजह क्या रही है? कुल वैश्विक निर्यात में […]

आज का अखबार, लेख

विदेशी मुद्रा भंडार में इजाफा: मूल्यांकन लाभ से बढ़ेंगे भारत के रिजर्व

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार वास्तव में आयात और बाहरी ऋण चुकाने की आवश्यकताओं जैसे पर्याप्तता मानदंडों के अनुसार एक बेहतर स्तर का प्रतिनिधित्व करता है। 3 अक्टूबर तक विदेशी मुद्रा भंडार 699.9 अरब डॉलर के एक बड़े स्तर पर था। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और बाजार की अस्थिरता के दौर में, दुनिया में यह चौथा सबसे […]

आज का अखबार, लेख

भारत का चालू खाता घाटा नियंत्रण में, लेकिन वित्तपोषण पर निगरानी जरूरी

गत वित्त वर्ष के दौरान भारत का चालू खाते का घाटा (सीएडी) सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के 0.6 फीसदी के स्तर पर रहा जो कि चिंताजनक नहीं है। यह अच्छी विशुद्ध अदृश्य प्राप्तियों की बदौलत हुआ। यह 2023-24 के 0.7 फीसदी से कम था जबकि वस्तु व्यापार घाटा जीडीपी के 6.7 फीसदी से बढ़कर […]

आज का अखबार, लेख

India GDP Growth: घरेलू गतिविधियों से मिलेगा वृद्धि को दम

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने 2024-25 में देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 6.5 फीसदी बढ़ने का अनुमान लगाया है। यह 6.4 फीसदी वृद्धि के उसके पिछले अनुमान से अधिक है मगर भारतीय रिजर्व बैंक तथा अन्य के अनुमान से कम है। एनएसओ का अनुमान बताता है कि 2021-22 तथा 2023-24 के बीच औसत वृद्धि […]

आज का अखबार, लेख

अर्थव्यवस्था के समक्ष चुनौतियां और उपाय

पिछले वित्त वर्ष में 8.5 प्रतिशत की धमाकेदार वृद्धि दर हासिल करने के बाद भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की रफ्तार फिर हिचकोले खाने लगी है। आर्थिक वृद्धि दर सुस्त होकर 6.5-7.0 प्रतिशत की अपनी पुरानी कमजोर रफ्तार पकड़ने लगी है। कम से कम तीन कारणों से जीडीपी में इस नरमी की आशंका पहले […]

Advertisement
Advertisement