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विकास के अगले चरण के लिए भूमि व कारोबारी माहौल में सुधार जरूरी: प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु में सरकार के 100 दिन, एमजीआर की याद दिला रहे विजयपश्चिम बंगाल में कारोबार को बढ़ावा, नई सरकार के पहले 100 दिन में निवेश पर जोर1991 के आ​र्थिक सुधारों से उद्योग को मिला प्रतिस्पर्धा का भरोसा, औद्योगिक और व्यापार नीति में तालमेल बिठाना जरूरीऑफर फॉर सेल के जरिये जुटाई गई रकम में उफान, LIC का अहम योगदानQ1 Results: लिस्टेड कंपनियों के मुनाफे में 16% की तेज बढ़त, BFSI और मेटल सेक्टर का बड़ा योगदानRBI के फैसले से बैंकों में हलचल, FCNR(B) जमा जुटाने की रफ्तार बढ़ीबाजार हलचल: प्री-आईपीओ शेयर, नया SLB कॉन्ट्रैक्ट और UPI नियम पर नजरजुलाई में बायोकॉन बनी MF की पसंदीदा स्मॉल-कैप खरीद, ₹3,300 करोड़ का निवेशराजस्व और मार्जिन के मोर्चे पर अपोलो से आगे मैक्स, मरीजों की बढ़ती संख्या से ग्रोथ को सहारा

लेखक : धर्मकीर्ति जोशी

आज का अखबार, लेख

भारत का तेल व्यापार घाटा: मांग पर नियंत्रण और खपत में संतुलन की जरूरत

पश्चिम एशिया संकट भारत की अर्थव्यवस्था को कई तरह से प्रभावित कर रहा है। ऊर्जा जिंसों खासतौर पर कच्चे तेल की कीमतों पर इसका सबसे अधिक असर हुआ है। फरवरी के अंत में जंग छिड़ने के ​बाद से अब तक कच्चे तेल की कीमतें 60 फीसदी बढ़ चुकी हैं। कमी के बावजूद तेल और तेल […]

आज का अखबार, लेख

सेवा निर्यात का दायरा बढ़ाने से घटेगा कुछ खंडों पर अत्यधिक निर्भरता का खतरा

वैश्विक सेवाओं का निर्यात वर्ष 2014 से औसतन 6.1 फीसदी की सालाना दर से बढ़कर 2024 में 8.6 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। इसी अवधि में वैश्विक वस्तुओं का निर्यात 2.9 फीसदी की दर से बढ़कर 24.5 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। इस तेजी की वजह क्या रही है? कुल वैश्विक निर्यात में […]

आज का अखबार, लेख

विदेशी मुद्रा भंडार में इजाफा: मूल्यांकन लाभ से बढ़ेंगे भारत के रिजर्व

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार वास्तव में आयात और बाहरी ऋण चुकाने की आवश्यकताओं जैसे पर्याप्तता मानदंडों के अनुसार एक बेहतर स्तर का प्रतिनिधित्व करता है। 3 अक्टूबर तक विदेशी मुद्रा भंडार 699.9 अरब डॉलर के एक बड़े स्तर पर था। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और बाजार की अस्थिरता के दौर में, दुनिया में यह चौथा सबसे […]

आज का अखबार, लेख

भारत का चालू खाता घाटा नियंत्रण में, लेकिन वित्तपोषण पर निगरानी जरूरी

गत वित्त वर्ष के दौरान भारत का चालू खाते का घाटा (सीएडी) सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के 0.6 फीसदी के स्तर पर रहा जो कि चिंताजनक नहीं है। यह अच्छी विशुद्ध अदृश्य प्राप्तियों की बदौलत हुआ। यह 2023-24 के 0.7 फीसदी से कम था जबकि वस्तु व्यापार घाटा जीडीपी के 6.7 फीसदी से बढ़कर […]

आज का अखबार, लेख

India GDP Growth: घरेलू गतिविधियों से मिलेगा वृद्धि को दम

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने 2024-25 में देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 6.5 फीसदी बढ़ने का अनुमान लगाया है। यह 6.4 फीसदी वृद्धि के उसके पिछले अनुमान से अधिक है मगर भारतीय रिजर्व बैंक तथा अन्य के अनुमान से कम है। एनएसओ का अनुमान बताता है कि 2021-22 तथा 2023-24 के बीच औसत वृद्धि […]

आज का अखबार, लेख

अर्थव्यवस्था के समक्ष चुनौतियां और उपाय

पिछले वित्त वर्ष में 8.5 प्रतिशत की धमाकेदार वृद्धि दर हासिल करने के बाद भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की रफ्तार फिर हिचकोले खाने लगी है। आर्थिक वृद्धि दर सुस्त होकर 6.5-7.0 प्रतिशत की अपनी पुरानी कमजोर रफ्तार पकड़ने लगी है। कम से कम तीन कारणों से जीडीपी में इस नरमी की आशंका पहले […]

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