भारत में ई-कॉमर्स की वृद्धि का आधार भरोसा और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा
पिछले एक दशक में भारत के ई-कॉमर्स बाजार ने पूरे देश में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। यह कारोबार अब केवल महानगरों तक ही सीमित नहीं है बल्कि टियर-1 (बड़े) और टियर-2 (मझोले या तेजी से विकास होते) शहरों के ग्राहकों को भी सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। वर्ष 2014 में इस क्षेत्र का […]
निजी निवेश में सुस्ती, कारोबारी जगत का उत्साह बढ़ाना जरूरी
देश में निजी कॉरपोरेट निवेश के तीन चिंताजनक लक्षण रहे हैं। पहला, एक मात्रात्मक परीक्षण बताता है कि वर्ष2011-12 में एक ढांचागत रुकावट आई जो अर्थव्यवस्था में निजी निवेश के व्यवहार में बदलाव को रेखांकित करती है। निजी सकल स्थिर पूंजी निर्माण वृद्धि में तेज गिरावट देखी गई और वर्ष2003-12 के 25.2 फीसदी तथा 2003-08 […]
मध्यम वर्ग पर चोट से कम हुआ निजी उपभोग
पिछले कुछ हफ्तों से निजी उपभोग में कमी सुर्खियों में बनी हुई है। यह बहुत चिंता की बात है क्योंकि निजी पूंजीगत व्यय का चक्र दोबारा घूमने के ठोस संकेत अब भी नहीं दिख रहे हैं। लेकिन खपत में कमी को ठीक से समझने के लिए इसके पीछे के कारणों को समझना जरूरी है। रोजमर्रा […]


