राज्य विधान परिषद में नेता सदन अहमद हसन ने यग्य दत्त शर्मा के अनुपूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि आबकारी आयुक्त कार्यालय इलाहाबाद द्वारा जूनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट पदों पर चयन के लिये 26 जून 2010 को आमंत्रित आवेदनों पर साक्षात्कार में गड़बड़ी तो हुई है।
उन्होंने कहा उन भर्तियों का साक्षात्कार वर्ष 2011 में हुआ था। उसका मामला अदालत में भी लम्बित है। तब प्रदेश में मायावती की अगुवाई वाली बसपा सरकार थी। उस वक्त जो हुआ आप सभी जानते हैं। आप जो जांच कहें, हम वह कराने को तैयार हैं।
हसन ने बताया कि परीक्षा का अंतिम परिणाम 27 सितम्बर 2011 को घोषित किया गया था।
शर्मा ने सरकार से पूछा था कि साक्षात्कार में अधिकतम अंक कितने तय किये गये थे और क्या उस सीमा से ज्यादा अंक भी दिये गये थे। साथ ही अंतिम परीक्षाफल किस शासनादेश के अनुसार घोषित किया गया था।