SEBI Investor Survey 2025: 63% परिवारों को शेयर-MF की जानकारी, लेकिन सिर्फ 9.5% ही निवेशकनिफ्टी 10 साल के सबसे खराब जनवरी की ओर, 5.5% टूटा; 200-DMA के करीब पहुंचा इंडेक्सRupee vs Dollar: नए निचले स्तर पर फिसला रुपया, डॉलर के मुकाबले 91.71 पर बंदविदेशी निवेशकों का भारत से हुआ मोहभंग, जनवरी में निकाले 3 अरब डॉलर से ज्यादा पैसाMP: Nvidia की एआई इनीशिएटिव्स की वाइस प्रेसिडेंट से मिले मुख्यमंत्री मोहन यादवBAFs 2026 में क्यों हैं स्मार्ट चॉइस?Stock Market: शेयर बाजार में भारी गिरावट, वैश्विक तनाव और FII बिकवाली का असरGold-Silver Price: सोना-चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर, सर्राफा व्यापारियों को सताने लगी कारोबार ठप होने की आशंकादावोस में ट्रंप का बड़ा दावा: ग्रीनलैंड हमारा इलाका, अमेरिका ही कर सकता है सुरक्षा₹1 लाख से ₹5 लाख की ट्रेडिंग! MTF पर Zerodha के नितिन कामथ की चेतावनी क्यों अहम
अन्य समाचार मप्र सरकार ने भगदड़ की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया
'

मप्र सरकार ने भगदड़ की जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया

PTI

- October,16 2013 12:53 AM IST

भगदड़ की इस घटना मंे 115 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे।

आधिकारिक सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति सक्सेना को नियुक्त करने का फैसला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिया।

आयोग का मुख्यालय ग्वालियर मंे होगा। यह उन परिस्थितियांे की जांच करेगा जिसके चलते रविवार को भगदड़ मची। साथ ही, यह संबद्ध जिला एवं पुलिस अधिकारियेां की भूमिका की भी जांच करेगा।

आयोग को सिफारिशांे के साथ अपनी रिपोर्ट दो महीने के अंदर सौंपनी है।

इस बीच, मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में स्वत: संग्यान लेते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर उन्हें हादसे पर एक हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एके सक्सेना ने नोटिस जारी कर कई मुद्दांे पर जवाब सौंपने को कहा है। इनमंे भगदड़ के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सरकार द्वारा की गई कारवाई शामिल है।

भाषा

संबंधित पोस्ट