भगदड़ की इस घटना मंे 115 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे।
आधिकारिक सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति सक्सेना को नियुक्त करने का फैसला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिया।
आयोग का मुख्यालय ग्वालियर मंे होगा। यह उन परिस्थितियांे की जांच करेगा जिसके चलते रविवार को भगदड़ मची। साथ ही, यह संबद्ध जिला एवं पुलिस अधिकारियेां की भूमिका की भी जांच करेगा।
आयोग को सिफारिशांे के साथ अपनी रिपोर्ट दो महीने के अंदर सौंपनी है।
इस बीच, मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में स्वत: संग्यान लेते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर उन्हें हादसे पर एक हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एके सक्सेना ने नोटिस जारी कर कई मुद्दांे पर जवाब सौंपने को कहा है। इनमंे भगदड़ के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सरकार द्वारा की गई कारवाई शामिल है।
भाषा