जापान की राजधानी को दूसरी बार ओलंपिक खेलों की मेजबानी मिलने के बाद अबे ने कहा कि जापान अब दुनिया का कर्ज चुका देगा।
अबे ने कहा कि उन्होंने देखा है कि खेलों ने कैसे 2011 में जापान में आये भूकंप और सूनामी के बाद तुरंत जिंदगी को बदल दिया था जिसमें 18,000 लोग मारे गये थे और इससे नाभीकीय संयंत्र को भी बहुत नुकसान पहुंचा था।
उन्होंने कहा, खेल लोगों को बदल सकते हैं। सुनामी के बाद यही शक्ति दिखायी दी थी। हालात बहुत मुश्किल थे लेकिन काफी एथलीट :जिसमें अमेरिकी महान स्पि्रंटर कार्ल लुईस भी शामिल हैं: जापान आये और उन्होंने बच्चों तथा अन्य के साथ खेलकर उनकी उम्मीद और उत्साह बढ़ाया।
अबे ने कहा, प्रस्तुतिकरण के दौरान मैंने एक लड़के बारे में बताया जिसे मैंने फुटबाल के साथ देखा जो उसे इन एथलीटों ने दी थी। वह फुटबाल सिर्फ भेंट नहीं थी। यह भविष्य के लिये थी। यही खेलों की ताकत है।