प्रधानमंत्री ने कल भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं को अपने आवास पर आमंत्रित कर इस मुद्दे पर व्याप्त गतिरोध दूर करने की कोशिश की थी लेकिन बात नहीं बनी और मुख्य विपक्षी दल ने आज सुबह तय किया कि संसद में इस मुददे पर पार्टी अपना विरोध जारी रखेगी।
कई बार के स्थगन के बाद सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनी और सदस्यों को कोयला आवंटन से जुडी गायब फाइलों के मुददे पर अपनी बात रखने की अनुमति दी गयी। फिर दोनों सदन सुचारू रूप से चले।
प्रधानमंत्री ने समूह 20 की शिखर बैठक के लिए रवाना होने से पहले कल रात गतिरोध समाप्त करने के प्रयास में भाजपा संसदीय दल के अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा मंें विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरूण जेटली अपने निवास पर बुलाया था।
भाजपा नेताओं ने हालांकि संसद को सुचारू रूप से चलाने का प्रधानमंत्री को कोई आश्वासन नहीं दिया था। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा था कि ुुगायब फाइलों पर संसद में बयान देने के बाद विपक्ष के सदस्यों को स्पष्टीकरण पूछने का मौका दिए बिना जिस तरह वे दोनों सदनों से चले गए उससे पार्टी के लोगों में काफी गुस्सा है।
पार्टी सूत्रांे के मुताबिक कि भाजपा ने दोनों सदनों में कोयला विषय पर विरोध जारी रखने का निर्णय किया था और उसी के अनुरूप कोयला मुद्दा दोनों सदनों में उठा।