Business Standard
Advertisement
इनवेस्को म्युचुअल फंड ने लॉन्च किया नया फंड, ₹100 की SIP से फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में निवेश का मौकाबच्चे के भविष्य के लिए ₹250 से करें निवेश! NPS Vatsalya में 18 साल बाद क्या होगा पैसों का? जानें पूरा नियमकैश सर्कुलेशन बढ़ने से आरबीआई की करेंसी प्लानिंग चुनौतीपूर्ण: आरबीआई डिप्टी गवर्नर मुर्मूटाटा संस की AGM टली, कोरम पूरा नहीं होने से कंपनी के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसापश्चिम एशिया संकट और अल नीनो से भारत की ग्रोथ पर असर, FY27 में 6.8% का अनुमानColgate Share: शेयर 3% तक टूटा, फिर भी Jefferies को भरोसा! जानिए कंपनी की ग्रोथ को लेकर ब्रोकरेज ने क्या कहाCGHS Rules: ₹3,000 तक की जांच के लिए क्या जरूरी है रेफरल? सरकारी कर्मचारी-पेंशनर्स समझें नए नियमUS-ईरान की भिड़ंत में फिर उबला क्रूड! $90 के पार निकला भाव, एक्सपर्ट बोले- आगे और बढ़ेंगे दामShankesh Jewellers IPO: पैसा लगाएं या नहीं? ₹367 करोड़ के IPO पर ब्रोकरेज की राय बंटी, ग्रे मार्केट में भी फीका रिस्पॉन्सटैक्स के नाम पर खाली हो सकता है बैंक खाता! 6,000 रुपये वाले फर्जी मैसेज से रहें सावधान
अन्य समाचार डालर की तुलना मंे रुपया 18 पैसे कमजोर खुला
'

डालर की तुलना मंे रुपया 18 पैसे कमजोर खुला

PTI

- July,25 2012 10:53 AM IST

असम में जातीय हिंसा भड़कने से बनी परिस्थिति को खतरे की घंटी बताते हुए भाजपा ने आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधा और उन पर हालात को लेकर मूक दर्शक बने रहने का आरोप लगाया।

भाजपा ने केंद्र पर हालात को इस स्तर तक लाने का आरोप लगाते हुए इस विषय पर प्रधानमंत्री से जवाब की मांग की।

भाजपा महासचिव अनंत कुमार ने कहा, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह संसद में असम का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह असम में बढ़ती हिंसा पर और वहां बाढ़ के हालात पर मूक दर्शक बने हुए हैं।

भाजपा कोर समूह की आज शाम पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के आवास पर हुई बैठक में भी असम के हालात पर गंभीर चिंता जताई गयी।

बैठक में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली के अलावा मुरली मनोहर जोशी तथा राजनाथ सिंह भी मौजूद थे।

पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूड़ी ने असम के हालात को खतरे की घंटी बताते हुए संवाददाताओं से कहा, भाजपा इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से सीधा जवाब चाहेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि समस्या केवल असम में नहीं है।

रूड़ी ने कहा कि भाजपा इस बारे में केंद्र सरकार को लंबे समय से आगाह करती आ रही है। उन्होंने कहा, इस हिंसा की जिम्मेदारी पूरी तरह केंद्र में कांग्रेस नीत सरकार पर है।

भाजपा नेता ने यह भी कहा कि वह इस बारे में इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहेंगे क्योंकि इस स्थिति का राजनीतिकरण करना सही नहीं है।

निचले असम में बोडो आदिवासियों और बाहर से आकर रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों के बीच संघर्ष में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गयी है।

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement