राजस्थान की पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री बीना काक ने बताया कि राज्य के आमेर, चित्तौडगढ, गागरोन, जैसलमेर, कुम्भलगढ और रणथम्भौर का चयन यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में हो गया है।
उन्होंने बताया, इन किलों का चयन पूर्व में हमारे द्वारा किये गये कार्यों का परिणाम है। हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सुरक्षा के प्रति हम प्रतिबद्ध हैं, जिस पर हमें गर्व है।
काक ने बताया कि कंबोडिया के नामपेन्ह शहर में यूनेस्को की विश्व विरासत संबंधी वैश्विक समिति की 36वीं बैठक में आज इन पहाडी किलों के चयन की घोषणा की गई।
उन्होंने कहा कि इस चयन से हमारी ऐतिहासिक धरोहर और स्मारकों को विश्वस्तर पर पहचान मिली है। वर्ष 2010 में जंतर मंतर को विश्व विरासत की सूची में शामिल किया गया था, तभी से राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे थे कि प्रदेश के अन्य महत्वपूर्ण किलों एवं स्मारकों को भी उक्त सूची में शािमल किये जाये। यह चयन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
काक ने कहा कि आभानेरी, बांदीकुई, बूंदी के स्टैपवेल्स तथा शेखावाटी के फे्रस्कों पेन्टिंग्स को भी यूनेस्को की सूची में शामिल करने के प्रयास आरम्भ कर दिये गये है।