डिजिटल लेनदेन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बावजूद देश में वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक चलन में मौजूद मुद्रा या नकदी 11.9 फीसदी बढ़कर 41.68 लाख करोड़ रुपये हो गई। यह वृद्धि कोविड-19 महामारी वाले वित्त वर्ष 2020-21 के बाद सबसे अधिक है। चलन में मुद्रा की मात्रा बढ़ने का मुख्य कारण नकद आधारित ग्रामीण […]
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भारत और चीन से लेकर ब्राज़ील तक के अन्य उभरते बाज़ारों (ईएम) में निवेश की पैरवी करने वाले निवेश गुरु मार्क मोबियस का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में निवेश करने के सबसे शुरुआती और सबसे प्रभावशाली समर्थकों में से एक माने जाने वाले मोबियस ने उभरते बाजारों को सीमित […]
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स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में हाल के निचले स्तरों से तेजी से सुधार देखने को मिला है। इन दोनों सेगमेंट को ट्रैक करने वाले इंडेक्स अब युद्ध से पहले के स्तरों पर वापस आ गए हैं। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स मंगलवार को 17,309 पर बंद हुआ, जो 23 फरवरी के अपने हाल के निचले स्तर […]
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घरेलू बचत का पारंपरिक संपत्तियों से हटकर वित्तीय योजनाओं में निवेश बढ़ रहा है। इस संरचनात्मक बदलाव के कारण विश्लेषक भारतीय पूंजी बाजार की लंबी अवधि की विकास संभावनाओं को लेकर आशावादी हैं। उन्हें उम्मीद है कि बाजार इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रदाता और परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों की आय में कई वर्षों तक वृद्धि होती रहेगी। एमके ग्लोबल […]
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मार्च में इक्विटी म्युचुअल फंडों में निवेश में आई तेजी पैसिव सेगमेंट तक भी पहुंच गई है। इस कारण पिछले महीने इक्विटी एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) और इंडेक्स फंडों में कुल निवेश रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। मार्च में इक्विटी पैसिव फंडों में 30,235 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। यह अप्रैल 2023 में एसोसिएशन […]
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पश्चिम एशिया के संकट के हल का दुनिया बहुत उत्सुकता से इंतजार कर रही है। खबरें बताती हैं कि दोनों पक्ष बातचीत के लिए उत्सुक हैं। इसका असर वित्तीय बाजारों पर भी नजर आया है। अगर संकट जल्दी हल होता है तो विश्व अर्थव्यवस्था को बहुप्रतीक्षित स्थिरता मिलेगी और विभिन्न देश अपनी ढांचागत चुनौतियों से […]
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इस स्तंभ में वित्त वर्ष के पहले महीने यानी अप्रैल में आम तौर पर बीते वर्ष बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र में हुए घटनाक्रम पर चर्चा होती है। इस परंपरा को जारी रखते हुए आइए उन रुझानों का विश्लेषण करते हैं जिन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 (वित्त वर्ष 2026) की दशा-दिशा तय की। मगर पहले आंकड़ों का […]
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संशोधित सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) श्रृंखला के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 24, वित्त वर्ष25 और वित्त वर्ष 26 में क्रमशः 7.2 फीसदी, 7.1 फीसदी और 7.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। यह वास्तव में बहुत अच्छा प्रदर्शन है। विशेषकर उस वातावरण में जो यूक्रेन संघर्ष, पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं में ऊंची ब्याज दरों और ट्रंप […]
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2025 में भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। भारत अब ब्रिटेन (UK) से पीछे चला गया है। भारत की जीडीपी लगभग 3.92 ट्रिलियन डॉलर रही, जबकि ब्रिटेन की जीडीपी करीब 4 ट्रिलियन डॉलर है। इसका मतलब है कि भारत एक पायदान नीचे खिसक गया है। चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का […]
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कांग्रेस सहित विपक्ष के कई प्रमुख दलों ने लोक सभा में महिला आरक्षण लागू करने से संबंधित संवैधानिक संशोधन विधेयक को पेश किए जाने से एक दिन पहले बुधवार को कहा कि वे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने के पक्ष में हैं, लेकिन इस विधेयक के परिसीमन के प्रावधानों का पुरजोर विरोध करेंगे, […]
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