मंगलवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में एक साल से ज्यादा समय में एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की गई। इसकी वजह यह भरोसा है कि एआई इस सेक्टर में रुकावट डालने के बजाय इसे और ज्यादा मजबूत बनाएगा। निफ्टी आईटी सूचकांक 4.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 31,117 पर बंद हुआ। यह 12 मई, 2025 के बाद से इसकी सबसे बड़ी एक-दिवसीय बढ़त है।
इस तेजी ने निफ्टी आईटी सूचकांक की तीन-दिवसीय बढ़त को 7.6 प्रतिशत कर दिया। साथ ही सेंसेक्स तथा निफ्टी की भी चार-दिवसीय गिरावट का सिलसिला तोड़ने में मदद की। आईटी में ताजा तेजी को अमेरिका की क्लाउड सॉफ्टवेयर फर्म स्नोफ्लैक की मजबूत कमाई से समर्थन मिला, जिससे वैश्विक सॉफ्टवेयर खर्च को लेकर आशावाद बढ़ा।
आईटी शेयरों पर हाल के महीनों में एआई के कारण पारंपरिक आउटसोर्सिंग मॉडलों पर पड़ने वाले दबाव की चिंताओं ने दबाव डाल दिया था। लेकिन अब वे फिर से निवेशकों के पसंदीदा बन रहे हैं। निवेशकों का मानना है कि एआई को बड़े पैमाने पर अपनाने से सॉफ्टवेयर सेवाओं के लिए नई मांग पैदा हो सकती है।
सेंसेक्स 383 अंक या 0.5 प्रतिशत बढ़कर 74,650 पर बंद हुआ। निफ्टी-50 सूचकांक 101 अंक या 0.4 प्रतिशत बढ़कर 23,484 पर समाप्त हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण लगभग 2 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 462.68 लाख करोड़ रुपये हो गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने जब यह कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है तो इससे भी बाजार धारणा को भी बढ़ावा मिला। इससे पहले आई उन खबरों ने निवेशकों को हिला दिया था जिनमें कहा गया था कि ईरान ने बातचीत रोक दी है। ट्रंप के बयान के बाद कच्चा तेल 1.9 प्रतिशत गिरकर 93.36 डॉलर प्र पर आ गया। आईटी के अलावा, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के शेयर सबसे ज्यादा बढ़त वालों में शामिल रहे। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘बाजारों ने शुरुआती नुकसान से उबरते हुए आईटी सेक्टर में बढ़त के दम पर वापसी की। लार्जकैप शेयरों में लगातार खरीदारी से पता चलता है कि निवेशक मौजूदा मूल्यांकन से सहज हैं। निफ्टी 50, व्यापक बाजारों के मुकाबले अपने लंबे समय के औसत के ज्यादा करीब कारोबार कर रहा है। खाड़ी संघर्ष-विराम में लगातार देरी के बावजूद वैश्विक माहौल स्थिर बना रहा, जिससे निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में मजबूती का संकेत मिलता है।’
आय का सीजन अब लगभग खत्म हो चुका है। ऐसे में निवेशकों का ध्यान वृहद आर्थिक संकेतों पर केंद्रित होने की उम्मीद है, जिनमें मॉनसून की प्रगति और आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक के नतीजे शामिल हैं।
नायर ने कहा, ‘इस सप्ताह मॉनसून के दक्षिणी इलाकों की ओर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे अल्पावधि में बाजार धारणा को सहारा मिलेगा। हालांकि बारिश लंबे समय के औसत से कम रह सकती है और अल नीनो के जोखिमों पर नजर रखने की जरूरत है। लेकिन जलाशयों का स्तर 10 साल के औसत से काफी ऊपर है जो बारिश में संभावित कमी के खिलाफ सुरक्षा का काम करेगा।’
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने 8,363 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू निवेशकों ने 9,589 करोड़ रुपये का निवेश किया।
बाजार का रुख मिला-जुला रहा। 1,970 शेयरों में गिरावट आई जबकि 2,244 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। इन्फोसिस ने 5.6 प्रतिशत तेजी के साथ सेंसेक्स की बढ़त में सबसे ज्यादा योगदान दिया। इसके बाद टीसीएस का नंबर रहा, जिसमें 6.5 प्रतिशत की तेजी आई। एनटीपीसी (2.9 प्रतिशत की गिरावट), ऐक्सिस बैंक (-1.9 प्रतिशत) और पावरग्रिड (1.4 प्रतिशत की गिरावट) सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयर रहे।