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डिजिटल लेनदेन से अगले दौर की वृद्धि, उद्योग के दिग्गज

एसबीआई म्युचुअल फंड के उपप्रबंध निदेशक व संयुक्त सीईओ डीपी सिंह ने पैनल परिचर्चा में कहा, ‘हम करीब 24 प्रतिशत की त्वरित गति से वृद्धि कर रहे हैं।

Last Updated- October 31, 2025 | 11:17 PM IST

भारत के म्युचुअल फंड उद्योग ने बीते एक दशक में तीव्र गति से वृद्धि की है। इसके बावजूद उद्योग का मानना है कि इसमें अभी भी दीर्घकालिक विस्तार की गुंजाइश है। बिजनेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट 2025 में उद्योग के दिग्गजों ने कहा कि निवेशकों की बढ़ती भागीदारी, डिजिटल लेनदेन अपनाने और सिप (सिस्टमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान) में बढ़ता भरोसा म्युचुअल फंड (एमएफ) को अगले चरण की वृद्धि के लिए तेजी से आगे बढ़ाएगा। यह अधिक खुदरा पैठ और अधिक परिष्कृत निवेश से उजागर होगा।

एसबीआई म्युचुअल फंड के उपप्रबंध निदेशक व संयुक्त सीईओ डीपी सिंह ने पैनल परिचर्चा में कहा, ‘हम करीब 24 प्रतिशत की त्वरित गति से वृद्धि कर रहे हैं। यदि हम आने वाले समय में 20 प्रतिशत की दर से भी बढ़ेंगे तो भी उद्योग आने वाले चार वर्षों में दोगुना हो जाएगा। लिहाजा किसी के 100 लाख करोड़ रुपये की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) का लक्ष्य – समय से जल्द ही पूरा हो जाएगा।’

एचडीएफसी म्युचुअल फंड के प्रबंध निदेशक नवनीत मुनोत ने कहा कि भारत की एमएफ का सफर मजबूत आधार पर है लेकिन इसे निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘हमें विश्व में सर्वाधिक पारदर्शी उद्योगों में से एक होने पर गर्व है।’

उन्होंने कहा, ‘हमने हर बार उद्योग के लिए जिस आंकड़ें का अनुमान जताया है, उससे बेहतर प्रदर्शन हुआ है। हालांकि दीर्घकालिक कहानी बरकरार है। एमएफ उद्योग ने हाल के वर्षों में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। बीते पांच वर्षों में सिप खाते तीन गुना से अधिक बढ़ गए हैं। सिप खाते वर्ष 2020 में 3 करोड़ थे और यह अब करीब 9.7 करोड़ हैं। हालांकि मासिक औसत योगदान मामूली रूप से बढ़ा है।

ऐक्सिस एमएफ के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारी बी. गोपकुमार ने कहा कि इस वृद्धि के बावजूद भी भारत के निवेशकों का आधार छोटा बना हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास केवल करीब 5.6 करोड़ विशिष्ट निवेशक हैं। लिहाजा विस्तार की अत्यधिक संभावनाएं कायम हैं।’ उन्होंने बताया, ‘नया भारत डिजिटल है- ऑनबोर्डिंग और केवाईसी कहीं अधिक आसान है और फिनटेक प्लेटफॉर्म पहली बार निवेश करने वालों के समूह को लेकर आ रहे हैं।’

यूटीआई एसेट मैनेजमेंट कंपनी के सीईओ पद पर नियुक्त वेत्री सुब्रमण्यम के लिए विकास का अगला चरण आधार को व्यापक बनाने और निवेशक अनुशासन में सुधार से आएगा। उन्होंने कहा, ‘हमें छोटे निवेश वाले अधिक लोगों तक पहुंचना होगा और यह तय करना होगा कि वे चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ उठाने के लिए पर्याप्त समय तक निवेश बनाए रखें।’

जियो ब्लैकरॉक एएमसी के एमडी व सीईओ सिड स्वामीनाथन जैसे नए प्रवेश करने वालों के लिए आंकड़े ही अवसर को स्पष्ट करते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने इस क्षेत्र में प्रवेश किया है क्योंकि इसमें अपार संभावनाएं हैं। पिछले पांच वर्षों में संपत्ति तीन गुना और निवेशक लगभग तीन गुना बढ़ गए हैं। भले ही विकास धीमा हो जाए और हम यहां से दोगुना ही करें, फिर भी इसका आकार बहुत बड़ा होगा।’ स्वामीनाथन ने कहा कि डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र इस यात्रा में केंद्रीय भूमिका निभाएगा।

First Published - October 31, 2025 | 10:55 PM IST

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